नेपाल में भूकंप के झटके, बाढ़ के नए खतरे के बीच कांपी धरती
नेपाल में भूकंप के झटके और दोहरी आपदा का संकट
नेपाल में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की दोहरी मार देखने को मिल रही है। हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई है। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक आए इन झटकों ने लोगों को एक बार फिर से भयभीत कर दिया है।
भोटेकोशी नदी के पास नई झील से बढ़ा बाढ़ का खतरा
यह प्राकृतिक आपदा ऐसे नाजुक मोड़ पर आई है जब नेपाल पहले से ही पर्यावरण और मौसम की चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी नदी के पास एक नई प्राकृतिक झील का निर्माण हो गया है, जिससे तटीय और निचले क्षेत्रों में जल प्रलय का नया संकट मंडराने लगा है। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि भूगर्भीय गतिविधियों या भूकंप के झटकों के कारण यदि इस झील का किनारा टूटता है, तो निचले इलाकों में विनाशकारी बाढ़ आ सकती है और कई गांव जलमग्न हो सकते हैं।
प्रशासन हाई अलर्ट पर और राहत कार्य की तैयारी
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए नेपाल सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गए हैं। जोखिम वाले इलाकों में सुरक्षा और मुस्तैदी बढ़ा दी गई है तथा स्थानीय नागरिकों को नदी तटों से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की कड़ी हिदायत दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन लगातार झील के जलस्तर और भूकंपीय हलचलों पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।