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Kisaan News: नकली खाद-बीज पर सख्त कार्रवाई, दालों की 100% सरकारी खरीदी - शिवराज सिंह चौहान

 


नई दिल्ली: देश में आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन (रबी अभियान-2026) में किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में किसानों की आय बढ़ाने, फसल सुरक्षा और बाजार की व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम घोषणाएं की गई हैं। आइए जानते हैं आम किसानों के लिए इस सम्मेलन की सबसे बड़ी और काम की बातें:

दालों की 100% सरकारी खरीद और 48 घंटे में भुगतान

किसानों को उनकी उपज का पूरा और सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसके तहत तुअर, उड़द और मसूर की फसल की 100% सुनिश्चित सरकारी खरीद की जाएगी। इतना ही नहीं, फसल बिकने के मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में पैसों का भुगतान करने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

नकली खाद और बीज बेचने वालों पर कड़ा एक्शन

खेती की लागत को बचाने और किसानों को ठगी से सुरक्षित रखने के लिए सभी राज्यों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत नकली खाद, घटिया बीज और अमानक कीटनाशकों की खुलेआम बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा दुकानों पर जबरन अन्य सामान थोपने की टैगिंग प्रथा को पूरी तरह से बंद किया जाएगा।

'खेत बचाओ अभियान' (22 अक्टूबर से 30 नवंबर)

मिट्टी की सेहत को सुधारने और पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से देश भर में 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक एक व्यापक 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान के दौरान किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक और खाद का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे।

खाली खेतों (राइस फेलो) में दलहन की खेती

पूर्वी भारत के राज्यों में धान की कटाई के बाद खेतों को खाली (राइस फेलो) छोड़ने की पुरानी परंपरा के बजाय उनके सदुपयोग पर जोर दिया जाएगा। इन खाली खेतों में दलहन यानी दालों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे देश में दलहन का उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों की अतिरिक्त आमदनी भी सुनिश्चित हो सकेगी।

किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा का लाभ

सरकार का मुख्य लक्ष्य देश के प्रत्येक पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के दायरे में लाना है ताकि उन्हें समय पर आसान ऋण मिल सके। इसके साथ ही, फसलों को प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए फसल बीमा योजना के अंतर्गत पूरी पारदर्शिता के साथ क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) कराए जाएंगे।

वैश्विक निर्यात और बेहतर बाजार नीति

अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार समझौतों की नई और आधुनिक बाजार नीति का पूरा लाभ उठाया जाएगा। इसके जरिए भारतीय कृषि उत्पादों, अनाजों और सब्जियों को वैश्विक निर्यात बाजारों से जोड़ा जाएगा, ताकि हमारे देश के किसानों को उनकी उपज के बेहतरीन दाम मिल सकें और भारत दुनिया का एक प्रमुख 'फूड बास्केट' बनकर उभर सके।

वित्तीय सहायता और आवंटन

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई): सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 10 राज्यों के कृषि मंत्रियों को मंच पर 1200 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय स्वीकृति पत्र प्रदान किए।

प्रमुख राज्यों को मिली राशि: पश्चिम बंगाल को 290 करोड़ रु., हरियाणा को 198 करोड़ रु., छत्तीसगढ़ को 181 करोड़ रु., अरुणाचल प्रदेश को 154 करोड़ रु., बिहार को 114 करोड़ रु., कर्नाटक को 104 करोड़ रु., मिजोरम को 75 करोड़ रु., हिमाचल प्रदेश को 64 करोड़ रु., झारखंड को 58 करोड़ रु. और पंजाब को 43 करोड़ रु. के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।