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१४ साल के बाद उत्तर प्रदेश में खिला कमल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक वापसी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए भारतीय जनता पार्टी ने 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत के साथ धमाकेदार वापसी की है। राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों पर हुए इस चुनावी संग्राम में जनता ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में प्रचंड जनादेश दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही प्रदेश में पिछले 14 सालों से चला आ रहा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासन का दौर पूरी तरह समाप्त हो गया है। विपक्षी दलों को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

विपक्ष के मंसूबों पर फिरा पानी और मिला प्रचंड जनादेश

चुनावी नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर विपक्ष के दावों का कोई असर नहीं पड़ा। विपक्षी खेमे को यह पूरी उम्मीद थी कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि और लोकप्रियता को नुकसान पहुँचाएगा। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मतदाताओं ने इन सभी कयासों को खारिज करते हुए भाजपा के सुशासन और विकास के एजेंडे पर अपनी मुहर लगाई। बिखरे हुए विपक्ष को इस चुनाव में धूल चाटनी पड़ी है और भाजपा गठबंधन ने एकतरफा बढ़त हासिल की है।

दलों का प्रदर्शन और सीटवार आंकड़े

उत्तर प्रदेश की 403 सीटों के सामने आए नतीजों और रुझानों में भाजपा गठबंधन ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने कुल 320 सीटों पर बढ़त बनाई, जिनमें से 190 सीटों पर पार्टी जीत दर्ज करने में सफल रही। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है और वह केवल 58 सीटों पर बढ़त हासिल कर सका, जिसमें से 34 सीटों पर ही उसे जीत हासिल हुई।

बसपा और अन्य दलों की स्थिति

बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन भी इस चुनाव में बेहद निराशाजनक रहा। बसपा मात्र 20 सीटों पर बढ़त बना पाई और केवल 7 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। इसके अलावा, अन्य निर्दलीय और छोटे राजनीतिक दलों के खाते में 5 सीटों पर बढ़त रही, जिनमें से 3 सीटों पर जीत दर्ज की गई। 14 साल बाद उत्तर प्रदेश में खिला यह कमल राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।