सौंसर में बार्डर सील करने की उठ रही मांग
Publish Date: | Fri, 31 Jul 2020 04:11 AM (IST)
अब तक 23 मरीज निकल चुके हैं पॉजिटिव
सौंसर। इन दिनों लगातार सौंसर क्षेत्र में महाराष्ट्र की ओर से आ रहे लोगों के कारण कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं, जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में भय एवं दहशत का वातावरण उत्पन्ना हो रहा है। अब तक जितने भी मरीज मिले हैं, वह ग्रामीण क्षेत्र रंगारी, पीपला नावार, चिरकुटागोधी, बोरगांव, रामाकोना, धोड़ा बोरगाव से मिले हैं, वो सभी महाराष्ट्र के महानगरों से ही आकर संक्रमण को क्षेत्र में लाए हैं। महाराष्ट्र, नागपुर सौंसर से लगा होने के चलते लोग खासे चिंतित हैं। अब तक सदर अस्पताल से 779 लोगों सैंपल भेजे जा चुके हैं जिसमें से 23 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं।
जब तक सातनूर बॉर्डर सील थी तब तक महाराष्ट्र की ओर बाहर से आने वाले लोगों का आवागमन पूरी तरीके से बंद था, संक्रमण क्षेत्र से दूर था, परंतु जब से बॉर्डर शुरू हो गई है, लगातार सौंसर क्षेत्र में कोरोना संक्रमण में मरीज मिलते ही जा रहे हैं। बीते दिनों सबसे पहले चेन्नाई से आने वाले मजदूरों में कोरोना संक्रमण पाए गए थे, उसके बाद में यह सिलसिला लगातार शुरू हो गया और अब यह निरंतर बढ़ता ही जा रहा है।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष संजय राठी ने बताया कि वर्तमान में जो लोग रोज सौसर क्षेत्र में कोरोना मरीज मिल रहे हैं, उसको देखते हुए तत्काल शासन प्रशासन, सरकार ने महाराष्ट्र बॉर्डर को सील कर देना चाहिए। इन दिनों सबसे अधिक नागपुर सावनेर और महाराष्ट्र की ओर से कर्मचारी और मजदूर औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियों में आ रहे हैं, यह कामगार प्रतिदिन महाराष्ट्र के सावनेर खापरखेड़ा खापा कलमेश्वर से आवागमन करते हैं, वहीं दूसरी, सौंसर नगर और ग्रामीण क्षेत्र के कई विभागों जैसे स्कूल, कॉलेज, तहसील कार्यालय, अस्पताल, बैंक, में ऐसे अधिकारी कर्मचारी पदस्थ हैं, जो नागपुर सावनेर कामठी से प्रतिदिन अपडाउन करते हैं।
इनका कहना है
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सातनूर सीमा पर महाराष्ट्र की ओर से आने वाले ओर जाने लोगों की स्क्रीनिंग, चेकिंग, जांच होनी चाहिए, यदि सातनूर सीमा को प्रशासन के द्वारा सील की जाती है,तो बहुत अच्छा होगा।
विजय चौरे, विधायक सौंसर
क्षेत्र में लगातार कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते जा रहे हैं, कोरोना संक्रमण से बचने के लिए हमें सावधान रहना चाहिए, बाहर से आने वाले लोगों ने प्रशासन को सूचना देने के बाद में सीधे क्वारंटाइन हो जाना चाहिए।
डॉ एनके शास्त्री, बीएमओ
Posted By: Nai Dunia News Network
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