देश की आजादी हर नागरिक के योगदान से है - उमंग सिंघार
- उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष, मध्य प्रदेश विधानसभा
अगर हम अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो यह भी आजादी की भावना है। अगर हम किसी कमजोर के साथ खड़े होते हैं, तो यह भी आजादी की रक्षा है। अगर हम सत्ता से सवाल पूछते हैं, तो यह आजादी और लोकतंत्र को मजबूत करने का काम है।
आजादी इंसान और समाज के लिए सबसे कीमती चीजों में से एक है। इसे हासिल करने में पीढ़ियां खप जाती हैं, लेकिन इसे बचाए रखना हर पीढ़ी की जिम्मेदारी होती है। 15 अगस्त हमारे लिए सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है। यह वह दिन है, जब पूरा देश अपने अतीत को याद करता है, उन लाखों लोगों को याद करता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और यह संकल्प भी लेता है कि जिस आजादी के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकाई गई, उसकी गरिमा को कभी कम नहीं होने देंगे।
स्वतंत्रता दिवस का दिन हमें देश के हर भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ खड़े होने का अवसर देता है। भाषा, जाति, धर्म, क्षेत्र और विचारों की अलग-अलग पहचान के बावजूद हम सबसे पहले भारत के नागरिक हैं। यही हमारी आजादी की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
हम अपने युवाओं, किशोरों और बच्चों को बताते हैं कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली थी। इसके पीछे संघर्ष था, त्याग था, जेल थी, लाठियां थीं और हजारों-लाखों लोगों का बलिदान था। इसलिए आजादी की कीमत सिर्फ इतिहास की किताबों में पढ़ने की चीज नहीं है। हमें अपने व्यवहार में भी उसकी कीमत समझनी होगी।
आज हम एक आजाद देश हैं। हमारे पास संविधान है, हमारे अधिकार हैं और हमारे कुछ कर्तव्य भी हैं। लोकतंत्र ने हमें अपनी बात कहने की आजादी दी है। हमें अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिया है। हमें सवाल पूछने का अधिकार दिया है। हमें असहमति व्यक्त करने का अधिकार दिया है। लेकिन अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी आती हैं।
आजादी का मतलब यह नहीं है कि हम अनुशासन भूल जाएं। आजादी का मतलब यह भी नहीं है कि हम हिंसक हो जाएं, कानून को अपने हाथ में ले लें या अपने देश, समाज और आसपास के लोगों के प्रति अपने कर्तव्य भूल जाएं। सच्ची आजादी वही है जिसमें अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के साथ संतुलन में हों। देश की आजादी हर नागरिक के योगदान से बनी है
अगर हम भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं, तो हम आजादी की लड़ाई को ही आगे बढ़ा रहे हैं। क्योंकि जिन लोगों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया था, उनका सपना सिर्फ अंग्रेजों से मुक्ति का नहीं था। वे एक ऐसे भारत का निर्माण चाहते थे जहां आम आदमी को न्याय मिले, गरीब को सम्मान मिले, किसान को उसकी मेहनत का अधिकार मिले और युवा को अपने भविष्य के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
अगर हम अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो यह भी आजादी की भावना है। अगर हम किसी कमजोर के साथ खड़े होते हैं, तो यह भी आजादी की रक्षा है। अगर हम सत्ता से सवाल पूछते हैं, तो यह आजादी और लोकतंत्र को मजबूत करने का काम है।
आज अगर देश की संवैधानिक संस्थाएं कमजोर की जा रही हैं तो ये आजादी की उस भावना को कमजोर करने का काम है जो आजादी के सिपाहियों उस वक्त इस देश के लिए सोचा था। इन सब को देशना इनकी निगरानी करना भी आजादी का काम है। आजद बने रहना और आजादी को बचाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
हम उन ताकतों से संघर्ष करते हैं जो देश के सामाजिक सौहार्द और शांति को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं, तो यह भी आजादी की लड़ाई का हिस्सा है। भारत की ताकत उसकी विविधता में है। अलग-अलग धर्म, भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं मिलकर भारत बनाती हैं। इसलिए समाज में नफरत फैलाना, लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना और भाईचारे को कमजोर करना हमारी आजादी की मूल भावना को कमजोर करना है।
हमें यह भी समझना होगा कि आजादी हर पीढ़ी से उसकी कीमत का सबूत मांगती है। हमारे समय में आजादी की लड़ाई का स्वरूप अलग है। आज हमें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अन्याय, असमानता, नफरत और सामाजिक विभाजन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ना है। हमें संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करनी है। हमें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी है और साथ ही अपने कर्तव्यों को भी ईमानदारी से निभाना है।
आज के दिन मैं विशेष रूप से हमारे युवाओं से कहना चाहता हूं कि देश का भविष्य सिर्फ सरकारों से नहीं बनता। देश का भविष्य नागरिकों के आत्मविश्वास , उनके विचार और उनके कर्मों से बनता है। आप जितना पढ़ेंगे, सवाल पूछेंगे, संविधान को समझेंगे और अपने समाज के प्रति जिम्मेदार बनेंगे, उतना ही हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित न रहें। हम यह संकल्प भी लें कि अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे, अपने कर्तव्यों को निभाएंगे, संविधान की मर्यादा बनाए रखेंगे, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और समाज के भाईचारे को मजबूत करेंगे।
यही आजादी को सच्चे अर्थों में जीवित रखने का रास्ता है।
स्वतंत्रता दिवस की सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं।
जय हिंद।