‘क्राइम पेट्रोल-CID’ से हत्या का प्लान, 600 CCTV ने खोला नाबालिग की हत्या का राज
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 14 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस वारदात को किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि एक पति-पत्नी की जोड़ी ने अंजाम दिया था। आरोपियों ने अपराध की साजिश रचने और पुलिस से बचने के लिए टीवी के मशहूर क्राइम शो 'क्राइम पेट्रोल' और 'सीआईडी' से विचार लिए थे। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से यह खौफनाक साजिश बेनकाब हो गई।
वारदात को अंजाम देने का खौफनाक तरीका
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले किशोरी की निर्मम हत्या की और फिर शव को छिपाने की नीयत से उसे स्कूटी पर लादकर बागपत ले आए। वहां उन्होंने मृतका की पहचान पूरी तरह मिटाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब उड़ेल दिया और बाद में शव में आग लगा दी। अधजली हालत में किशोरी का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच टीमों का गठन किया।
600 सीसीटीवी और 2000 वाहनों की जांच
इस गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि मौके पर कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं बचा था। जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे लगभग 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही उस मार्ग से गुजरने वाले 2000 से अधिक वाहनों की गहन जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज में स्कूटी पर संदिग्ध स्थिति में जाते हुए दंपत्ति की पहचान हुई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी दंपत्ति
तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने अंततः आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने टीवी धारावाहिकों को देखकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने का प्लान बनाया था। उन्हें लगा था कि चेहरे पर तेजाब डालने और आग लगाने के बाद पुलिस उन तक कभी नहीं पहुंच पाएगी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
