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भोपाल में 6 अक्टूबर को होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘नाड़ी विश्लेषण–2026’: देश के दिग्गज वैद्य साझा करेंगे अनुभव


भोपाल: पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान, भोपाल तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन (म.प्र.) के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 6 अक्टूबर 2026 को संस्थान के रजत जयंती ऑडिटोरियम में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘नाड़ी विश्लेषण–2026’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन नाड़ी परीक्षा पद्धति के शास्त्रीय सिद्धांतों, उसकी चिकित्सकीय उपयोगिता और आज के दौर में उसकी प्रासंगिकता पर गहन विचार-विमर्श करना है। साथ ही, इसके वैज्ञानिक एवं अनुसंधानात्मक पक्षों को भी प्रमुखता से उभारा जाएगा।

देशभर से जुटेंगे नामचीन विशेषज्ञ

इस प्रतिष्ठित संगोष्ठी में देश के कोने-कोने से जाने-माने नाड़ी विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में वैद्य तपन कुमार, वैद्य संजय पी. छाजेड, वैद्य सुशांत मिश्रा, डॉ. भाग्यश्री गावंडे, डॉ. नवीन चंद्र जोशी, डॉ. प्रज्ञान त्रिपाठी और डॉ. गायत्री आर. प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। ये सभी विशेषज्ञ नाड़ी परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने बहुमूल्य ज्ञान और अनुभव साझा करेंगे। इसके अलावा, वे प्रतिभागियों को नाड़ी परीक्षण की सटीक विधि, इसके गहरे महत्व और व्यावहारिक उपयोग के तौर-तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन देंगे।

किसके मार्गदर्शन में होगा आयोजन?

यह संगोष्ठी संस्थान के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम में देश भर से आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े डॉक्टर, शोधार्थी (शोधकर्ता), शिक्षक और आयुर्वेद के विद्यार्थी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का संगम

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नाड़ी परीक्षा जैसी समृद्ध पारंपरिक ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक और अनुसंधानात्मक दृष्टिकोण से जोड़कर समझना है। इसके माध्यम से आयुर्वेद चिकित्सा में इसके सटीक उपयोग को बढ़ावा देने और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करने का अनूठा प्रयास किया जा रहा है।