सरकार की 'कांदा एक्सप्रेस' से देश में प्याज की कीमतों में बड़ी राहत: खुदरा और थोक भाव गिरे
New Delhi: आम जनता के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश भर में प्याज की उपलब्धता में काफी सुधार हुआ है, जिसके चलते इसके थोक और खुदरा भावों में जोरदार गिरावट दर्ज की जा रही है। बाजार में नई फसल की आवक बढ़ने और सरकारी प्रयासों के कारण अब लोगों को किफायती कीमतों पर आसानी से प्याज मिल रहा है।
खरीफ सीजन की नई फसल और बढा हुआ रकबा
इस बार खरीफ सीजन में प्याज की खेती का दायरा (रकबा) पिछले साल की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से खरीफ की नई प्याज की आवक तेजी से मंडियों में पहुंचने लगी है। इसके अलावा मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि कटाई के समय मौसम अनुकूल रहेगा और अत्यधिक बारिश की कोई संभावना नहीं है। इससे किसानों को फसल काटने, सुखाने और उसे बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे नमी के कारण फसल के खराब होने का जोखिम भी न के बराबर है।
थोक और खुदरा बाजारों में कीमतों में गिरावट
आसमान छूती कीमतों से परेशान आम उपभोक्ताओं को अब राहत मिलने लगी है:
थोक बाजारों का हाल: बेहतर आपूर्ति के कारण महाराष्ट्र की प्रमुख मंडियों में थोक भाव लगातार कम हो रहे हैं। 16 सितंबर को जो औसत मंडी भाव लगभग 4,030 रुपये प्रति क्विंटल था, वह 3 अक्टूबर तक घटकर करीब 3,475 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। यानी थोक भाव में लगभग 13% की सीधी गिरावट आई है।
खुदरा कीमतों में राहत: देश के करीब 126 शहरों में पिछले दो हफ्तों के दौरान खुदरा प्याज की कीमतों में 1 रुपये से लेकर 21 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई है। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे ज्यादा खपत वाले राज्यों में भी कीमतों में यह गिरावट साफ तौर पर देखी जा रही है।
सरकार की रणनीतिक पहल और 'कांदा एक्सप्रेस'
बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से रणनीतिक रूप से प्याज की आपूर्ति शुरू कर दी है। सरकार ने अब तक देश के 123 शहरों में विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेनों और सैकड़ों ट्रकों के माध्यम से 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज की आपूर्ति की है। त्योहारी मांग को देखते हुए सरकार रेल रैक की संख्या और बढ़ाने की योजना बना रही है ताकि अधिक खपत वाले इलाकों तक कम समय में पर्याप्त प्याज पहुंचाया जा सके।
आगे का क्या है अनुमान?
कृषि विशेषज्ञों और सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में खरीफ प्याज की आपूर्ति में और तेजी आएगी। त्योहारी सीजन के दौरान मजबूत सरकारी वितरण व्यवस्था और भरपूर आवक के कारण बाजार में प्याज की कोई कमी नहीं होगी और कीमतों में आगे भी नरमी बने रहने की पूरी उम्मीद है।
