उमरिया पुलिस का साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, कानून व्यवस्था की समीक्षा तेज
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष रणनीति के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। सितम्बर 2026 में पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उमरिया साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने डिजिटल धोखाधड़ी करने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के साथ ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
फर्जी डिजिटल योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
उमरिया जिले के मानपुर, पाली और नौरोजाबाद क्षेत्र से लगातार आ रही ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल की एक विशेष जांच टीम का गठन किया था। यह गिरोह आम नागरिकों को फर्जी सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और शेयर बाजार में उच्च रिटर्न का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा रहा था। पुलिस की तकनीकी टीम ने कॉल डिटेल और बैंक खातों के वित्तीय लेनदेन को ट्रैक कर गिरोह के मुख्य सरगनाओं को चिन्हित किया और दबिश देकर फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल हैंडसेट, स्वाइप मशीनें तथा फर्जी दस्तावेजों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
कानून व्यवस्था की कड़ी प्रशासनिक समीक्षा
साइबर अपराध के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष में उमरिया जिले के समस्त थाना प्रभारियों और अनुविभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। बैठक में जिले भर में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। आने वाले त्योहारों और जन-समारोहों को ध्यान में रखते हुए जिला सीमाओं पर चेकिंग प्वाइंट्स को सक्रिय करने, रात की गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और डिजिटल अपराधों पर शून्य सहनशीलता की नीति लागू की जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता और साइबर सुरक्षा के निर्देश
उमरिया पुलिस ने केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित न रहकर रोकथाम पर भी ध्यान केंद्रित किया है। जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बीट प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे चौपाल लगाकर ग्रामीणों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। किसी भी अज्ञात कॉल पर ओटीपी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है, ताकि समय रहते बैंक खातों को होल्ड कराया जा सके और पीड़ितों की गाढ़ी कमाई बचाई जा सके।