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छिंदवाड़ा में विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा: मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर दिए कड़े निर्देश


सितम्बर 2026 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रशासनिक चुस्ती और विकास कार्यों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा जिले की प्रमुख अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं, सौर ऊर्जा पहलों और जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में छिंदवाड़ा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, जबकि शासन के प्रमुख सचिव और संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा प्रोत्साहन पर विशेष बल

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा जिले को हरित ऊर्जा का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जिले के पांढुर्णा मार्ग, तामिया और हर्रई के दुर्गम अंचलों में स्वीकृत कृषि सौर फीडर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने हेतु सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही शासकीय भवनों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के अभियान में तेजी लाने को कहा गया।

जनकल्याणकारी योजनाओं का अंतिम हितग्राही तक पारदर्शी वितरण

बैठक में 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना', 'पीएम किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री आवास भू-अधिकार योजना' के क्रियान्वयन का गहन विश्लेषण किया गया। छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी बहुल विकासखंडों में पात्र हितग्राहियों तक सीधे डीबीटी सुविधा के माध्यम से राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर छिंदवाड़ा को निर्देशित किया कि जनसेवा शिविरों के माध्यम से शेष बचे पात्र परिवारों को भी योजनाओं से शीघ्र जोड़ा जाए ताकि कोई भी वंचित न रहे।

कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र के लिए नई प्राथमिकताएं

छिंदवाड़ा जिले की प्रसिद्ध संतरा फसल और मक्का उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रसंकरण से जुड़ी अवसंरचना, कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क और स्थानीय मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत बजट की उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा करने के निर्देश दिए। इससे न केवल स्थानीय किसानों को उपज का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर प्रशासनिक चेतावनी

जल जीवन मिशन और ग्रामीण सड़क निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। छिंदवाड़ा जिले में निर्माणाधीन पेंच व्यपवर्तन परियोजना की नहर प्रणाली को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए तकनीकी बाधाओं को दूर करने की समयसीमा तय की गई। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे हर पखवाड़े मैदानी स्तर पर जाकर कार्यों की भौतिक जांच करें और आम जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित करें।