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भारत को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए नई पहल: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने 'जोश' (संयुक्त स्वास्थ्य दल) टीमों का किया शुभारंभ


New Delhi: भारत को वर्ष 2030 से पहले क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान 'जोश' (संयुक्त स्वास्थ्य दल) टीमों का औपचारिक शुभारंभ किया है. यह पहल टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियानों में युवाओं की सक्रिय और अग्रणी सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के हर कोने तक टीबी की रोकथाम, शीघ्र निदान, समय पर उपचार और इस बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने का संदेश पहुंचाना है.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने कहा कि तपेदिक के खिलाफ यह लड़ाई अब एक पारंपरिक सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम से पूरी तरह आगे बढ़कर एक बड़े 'जन आंदोलन' में बदल चुकी है. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल सरकारी हस्तक्षेप से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विशेषकर देश के ऊर्जावान युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई यह 'जोश' पहल जमीनी स्तर पर सरकार और नागरिकों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगी.

इस योजना के पहले चरण के तहत देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में इन विशेष टीमों की तैनाती की गई है. प्रत्येक 'जोश' टीम में 5 'माई भारत' (My Bharat) स्वयंसेवक और 5 एनसीसी (NCC) कैडेट्स शामिल हैं, जिनका नेतृत्व ब्लॉक या वार्ड स्तर के नामित प्रथम श्रेणी अधिकारी द्वारा किया जाता है. ये टीमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के सामान्य लक्षणों, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करेंगी तथा संदिग्ध मामलों की पहचान कर उन्हें तुरंत जांच और उपचार के लिए प्रोत्साहित करेंगी. इसके साथ ही, इस अवसर पर 'खुशी अवतार' (ई-संगिनी की एक पहल) और टीबी-मुक्त भारत ऐप पर एक समर्पित जोश टीम फीचर का भी अनावरण किया गया, जो 12 भारतीय भाषाओं में मरीजों की शंकाओं का समाधान करने और समय पर दवा लेने की याद दिलाने में मदद करेगा.

कार्यक्रम के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नवीनतम रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी बताया गया कि भारत में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह औसत 12 प्रतिशत ही है. इसके अलावा, देश में टीबी उपचार कवरेज बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है, जो वैश्विक स्तर पर 78 प्रतिशत से काफी बेहतर है. इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 में क्षय रोग मुक्त घोषित किए गए 697 जिलों की 67,933 पंचायतों को भी सम्मानित किया गया, जो स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्रयासों की सफलता का प्रमाण है. इस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार के इन समन्वित और तकनीकी रूप से उन्नत प्रयासों से देश टीबी मुक्त भारत के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है.