Top Story

प्रदेश के निगम-मण्डलों में नियुक्तियाँ निरस्त

मध्य प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडलों में नियुक्तियां निरस्त, शासन ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश राज्य शासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के प्रमुख निगमों, मंडलों और बोर्डों में पूर्व में की गई अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। शासन द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस प्रशासनिक निर्णय के तहत राज्य के प्रमुख विकास बोर्डों और हस्तशिल्प निगम में शीर्ष पदों पर आसीन पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जिससे प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड एवं हस्तशिल्प निगम में निरस्तीकरण

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री सूरज सिंह आर्य की नियुक्ति से संबंधित आदेश को निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा की नियुक्ति निरस्त करने का आदेश भी जारी किया गया है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के अध्यक्ष पद पर कार्यरत श्री नारायण कबीरपंथी की नियुक्ति संबंधी आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है।

माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां भी रद्द

निगम-मंडलों में प्रशासनिक फेरबदल की इस प्रक्रिया के अंतर्गत मध्य प्रदेश माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति की नियुक्ति का आदेश भी वापस ले लिया गया है। बोर्ड के केवल अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि इसके विभिन्न सदस्यों की नियुक्तियों को भी निरस्त किया गया है। इसके तहत माटी कला बोर्ड के सदस्य सर्वश्री किशनलाल प्रजापति, गंगाराम प्रजापति, जवाहर प्रजापति, श्रीमती श्यामकली प्रजापति और श्री कैलाश प्रजापति के नियुक्ति संबंधी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं।

प्रशासनिक पुनर्गठन के संकेत

राज्य सरकार द्वारा निगम-मंडलों और आयोगों में की गई इन नियुक्तियों के निरस्तीकरण को प्रशासनिक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। शासन के इस कदम के बाद अब इन महत्वपूर्ण बोर्डों और निगमों में नए सिरे से नियुक्तियों की संभावना जताई जा रही है। ये संस्थाएं प्रदेश में ग्रामीण उद्योगों, हस्तशिल्प, खादी और पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।