अक्षय, शाहरुख और सैफ ने अपने बेटों को सिखाई हैं दो खास बातें, हर पिता के लिए जानना है जरूरी
अक्षय कुमार, शाहरुख खान और सैफ अली खान में क्या समानता है? आपका पहला जवाब होगा कि ये तीनों बॉलिवुड स्टार्स हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन तीनों में एक और समानता है। ये सितारे जिस तरह से अपने बेटों की परवरिश करते हैं, वो तरीके काफी मिलते-जुलते हैं। इन तरीकों से वे न सिर्फ अपने बेटों को बेहतर इंसान बना रहे हैं, बल्कि उनके साथ स्ट्रॉन्ग बॉन्ड भी शेयर कर रहे हैं। इस फादर्स डे स्पेशल आर्टिकल में चलिए जानते हैं इन स्टार्स के पैरंटिंग टिप्स के बारे में जो आपके भी काम आ सकते हैं।
आत्मनिर्भर बनाना
अक्षय और शाहरुख ने बॉलिवुड में अपने दम पर सुपरस्टार का तमगा हासिल किया है, तो वहीं सैफ तो कई फ्लॉप्स के बाद खुद की ऐक्टर के रूप में पहचान बना सके हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि वे अपने बच्चों को भी ऐसी ही सीख देंगे, जिससे वे जिंदगी में आने वाली मुश्किलों का खुद सामना कर सकें। इन तीनों स्टार्स ने इसके लिए बेटों को छोटी उम्र से आत्मनिर्भर बनने के गुण सिखाना शुरू कर दिए थे।
शाहरुख ने तो इसके लिए अपने बेटे को छोटी उम्र में ही बाहर पड़ने के लिए भेज दिया, तो वहीं अक्षय ने बेटे आरव को कुकिंग करना भी सिखाया। सैफ भले ही पटौदी खानदान के हों, लेकिन न तो वे अपने बड़े बेटे इब्राहिम और न ही तैमूर को पैसों व लग्जरी से स्पॉइल करने में विश्वास रखते हैं।
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बेटों को बचपन से ही अगर आत्मनिर्भर होना सिखाया जाए, तो वे बड़े होने पर ज्यादा बेहतर तरीके से जिंदगी और करियर में आने वाले चैलेंज का सामना कर पाते हैं। यह उन्हें कुछ हद तक स्ट्रेस, डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से मुकाबला करने में भी मदद करता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेल्फ डिपेंडेंट व्यक्ति इमोशन्स को ज्यादा बेहतर तरीके से हैंडल करने में माहिर माने जाते हैं।
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लड़कियों का सम्मान करना
ये तीनों सुपरस्टार बॉलिवुड में फीमेल्स से सम्मान से पेश आने के लिए जाते हैं। इनकी को-स्टार्स तक इसे लेकर इनकी तारीफों के पुल बांधती दिख चुकी हैं। ऐसे में यह बहुत ही लाजमी है कि तीनों अपने बेटों को भी लड़कियों का सम्मान करना सिखाएं। इब्राहिम जिस तरह से अपनी बहन के साथ कनेक्ट होते हैं और जो स्ट्रॉन्ग बॉन्ड शेयर करते हैं, वह अपने आप में ही दिखाता है कि इनके परिवार में लड़कों को यह सिखाया गया है कि लड़कियों को भी बराबरी का सम्मान और प्यार दिया जाना चाहिए।
इसी तरह शाहरुख ने भी अपने बेटे को सख्त हिदायत दी थी कि वह कभी भी किसी लड़की से गलत तरह से पेश न आएं। उन्होंने आर्यन को लड़कियों की पर्सनल स्पेस की इज्जत करना भी सिखाया है। अक्सर कहा जाता है कि कुकिंग लड़कियों का काम है, लेकिन जिस तरह से अक्षय ने अपने बेटे को खाना बनाना सिखाया और जिस तरह आरव अक्सर अपनी फैमिली के लिए कुकिंग करता है, वह दिखाता है कि अक्षय ने किस तरह अपने बेटे को सिखाया है कि कोई भी काम सिर्फ लड़कों या लड़कियों के लिए नहीं होता।
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ड़कियों का सम्मान करने की बात बच्चों को पहले से ही सिखाई जाए, तो बड़े होकर यह उनकी पर्सनैलिटी का पार्ट बन जाता है। यही गुण वह अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को भी सिखाते हैं, जो महिलाओं के लिए बेहतर वातावरण बनाने में भी मदद करेगा।