उल्का पिंड से बनी है शनिदेव की ये मूर्ति, रावण की कैद से शनि को छुड़ाकर यहीं लाए थे हनुमान

शनिदेव का ये मंदिर ग्वालियर के पास एंती गांव में स्थित है। कहा जाता है कि ये मंदिर त्रेताकालीन है। इस मंदिर में शनिदेव की प्रतिमा स्थापित है। खास बात है कि इस मंदिर में स्थापित शनिदेव की प्रतिमा की आंखें बंद हैं।
शनिदेव को उनकी पत्नी ने श्राप दिया था। उनकी पत्नी ने कहा था कि जिसकी तरफ आप देख लोगे वो नष्ट हो जाएगा। आजकल जहां देखो वहां पर शनिदेव का मंदिर स्थापित है। पुरानी जितनी आपको शनिदेव की मूर्तियां मिलेंगी उसमें या तो शनिदेव की आंखें बंद है। या फिर जैसे ही आप शनिदेव के मंदिर में अंदर प्रवेश करेंगे तो शनिदेव की मूर्ति की पीठ आपकी तरफ होगी।
शनिदेव की इस मूर्ति की खासियत है कि ये प्रतिमा आसमान से गिरे उल्का पिंड से निर्मित बताई जाती है। इस मूर्ति के बारे में भक्तों में मान्यता है कि रावण की कैद से शनिदेव को आजाद कराने के बाद हनुमान जी ने ही शनिदेव को यहां पर विश्राम हेतु छोड़ था।