यूं ही नहीं कहते 'हर एक फ्रेंड जरूरी होता है', करीना कपूर और अमृता अरोड़ा जैसी हो दोस्ती तो नहीं रहती किसी बात की फिक्र
‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे दम मगर तेरा साथ ना छोडेंगे’…. किसी ने ठीक ही कहा है कि जिंदगी जीने का असली मजा तभी है जब आपके पास एक सच्चा दोस्त हो। यूं तो हम सभी के जीवन में कई सारे दोस्त होते हैं लेकिन उनमें से एक दोस्त ऐसा भी होता है जो हमारे हर सुख-दुख में बराबर का साझेदार हो। हालांकि, एक सच्चा दोस्त आपको हंसाने, रुलाने-मनाने या आपकी किस बात पर रूठने का एक भी मौका नहीं छोड़ता। लेकिन कभी-कभार ऐसे दोस्त से झगड़ा भी हो जाए तो भी उसकी किसी बात का बुरा नहीं लगता। ऐसी ही एक दोस्ती की मिसाल बॉलीवुड गलियारे में भी है, जो 20 सालों से अपनी मजबूत दोस्ती से हर किसी को मात दे रही है।
कहते हैं कि बॉलीवुड में दो अभिनेत्री कभी भी अच्छी दोस्त नहीं हो सकतीं, क्योंकि बी-टाउन सेलेब्स के बीच मिफ़्स-टिफ (कहा-सुनी) अहंकार और झड़प एक आम बात है, हालांकि करीना कपूर खान और अमृता अरोड़ा ने इस बात को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया। दोनों ने अपनी 20 साल की दोस्ती में यह दिखा दिया कि उनकी दोस्ती किसी फायदे के लिए नहीं बल्कि असल मामलों में पूरी तरह जज्बातों पर टिकी है। प्रियंका चोपड़ा-सोफी टर्नर की ये तस्वीरें बताती हैं कि खुशमिजाज हो जेठानी तो नहीं होती देवरानी को कोई दिक्कत
इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि करीना आज बी-टाउन की टॉप स्टार्स में से एक हैं जबकि अमृता पूरी तरह से बॉलीवुड से अपना मुंह मोड़ चुकी हैं, इसके बाद भी इन दोनों की दोस्ती कायम रहना कोई आसान बात नहीं है। इस बात का अंदाज़ा आप इसी से लगा लीजिए कि जब तक अमृता के सामने बेबो का नाम न लिया जाए तब तक वह खुद सामने से उनकी बात नहीं करतीं।
खैर, इस दोस्ती की बुनियादी जड़ों को यहां तक पहुंचने के लिए भी कई पैमानों में खरा उतरना पड़ा था। ऐसे में अगर आप भी करीना कपूर और अमृता अरोड़ा की तरह अपनी दोस्ती को मजबूत करना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
* वो कहावत है ना, दोस्ती का गठित है साहेब, यहां दो में से एक गया तो कुछ नहीं बचता। जी हां, दोस्ती कभी भी एक तरफा नहीं होती। एक दोस्ती को लंबे समय तक चलाने के लिए उसमें विश्वास और समर्पण की भावना होना बहुत जरूरी है। करीना-अमृता की दोस्ती का अंदाज़ा आप इस बात से ही लगा लीजिए कि वह दोनों एक-दूसरे के अच्छे-बुरे वक्त में साथ खड़ी दिखाई देती हैं और ऐसा दोस्त जब साथ हो तो किसी बात की कोई फ़िक्र नहीं रहती है।
* कभी-कभी ऐसे मौके भी आते हैं जहां दोस्तों के बीच छोटी सी तकरार भी गम्भीर रूप ले लेती है। ऐसे में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात कि कभी भी गलतफमियों को अपनी दोस्ती की फांस न बनने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि छोटी-छोटी गलतफमियां एक खुशहाल रिश्ते को खत्म कर देती हैं।
* इस संसार में हर कोई अलग है और अलग-अलग शौक रखता है। एक अच्छा दोस्त वही जो इस बात को अच्छे से समझता है कि कभी-कभी आप अपनी खुद की चीज़ भी करना चाहते हैं और उन चीज़ों को करने में वह भी आपके साथ आनंद लेता है। सलमान-शाहरुख के झगड़े और पैचअप की पूरी कहानी, जो सिखाती है सच्ची यारी को तोड़ना इतना आसान नहीं
* बोलने से पहले सोचें, खासकर जब आप बहुत गुस्से में हैं। कभी-कभी आपके व्यवहार से दोस्तों को ऐसा लगने लगता है कि आपके आसपास उनका ठीक नहीं है, ऐसे में इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आप कितने में गुस्से में क्यों न हों लेकिन अपने दोस्तों पर उस बात की नाराजगी न उतारें, इसलिए अपने शब्दों को सावधानी से चुनें।
* दोस्तों के साथ खुशहाल रिश्ते हमारे जीवन में बनाए गए सबसे महत्वपूर्ण कनेक्शन में से एक हैं, जो बिना कहे दूर तक जाते हैं। एक स्वस्थ दोस्ती को उचित देखभाल की जरूरत होती है, जिसकी जड़ें पनपने के लिए विश्वास, करुणा, सहानुभूति और अन्य चीजों की आवश्यकता होती है।