लहलहा रही सोयाबीन की फसल, मक्के की फसल में लग रहे कीड़े
Publish Date: | Fri, 31 Jul 2020 04:11 AM (IST)
फोटो 1
मक्के की फसल को हो रहा नुकसान
फोटो 2
सोयाबीन की फसल लहलहा रही है।
छिंदवाड़ा। जिले में इस बार किसान सोयाबीन की जगह मक्के की फसल ज्यादा लगा रहे हैं। परिणाम भी सामने आ रहा है। जहां मक्के की फसल में कीट का प्रकोप हो रहा है, वहीं सोयाबीन की फसल लहलहाने लगी है। छिंदवाड़ा के आसपास के क्षेत्र में किसानों ने मक्के की फसल रोपी है, वहीं चौरई और सौंसर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सोयाबीन की फसल लगाई गई है। इमलीखेड़ा और आसपास के क्षेत्र में मक्के की फसल प्रभावित हुई है। यही नहीं कीट का प्रकोप भी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। इस बार पिछले साल की तुलना में सोयाबीन का रकबा 20 फीसद बढ़ा है, जबकि मक्के का रकबा कम हुआ है। हालांकि जिले की पहचान कार्न सिटी के रूप में ही रही है, लेकिन इस साल किसानों की धारणा बदली है, जिसकी मुख्य वजह मक्के की उचित कीमत नहीं मिलना है, साथ ही वार्मी आर्मी का खतरा भी बना हुआ है। जिसका परिणाम भी सामने आया है कि तीन से चार साल पहले किसान सोयाबीन बड़े पैमाने पर लगाते थे, अब बड़ी संख्या में किसान सोयाबीन की फसल लगा रहे हैं। चौरई के किसान राजेंद्र जंघेला ने बताया कि हर साल वो मक्के की फसल लगाते थे, लेकिन इस बार उन्होंने सोयाबीन की फसल लगाई है, पिछली बार मक्के का सही दाम नहीं मिला, सोयाबीन की फसल में कम रकबे में भी ज्यादा दाम मिल जाता है।
इनका कहना है
इस साल किसानों ने सोयाबीन की फसल में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है, जिन किसानों ने मक्का की फसल लगाई है, उन्हें भी एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
जेआर हेड़ाउ, उपसंचालक कृषि
Posted By: Nai Dunia News Network
नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे