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शासन नहीं खरीद पा रहा एंटी वायरल रेमडेसिविर इंजेक्शन, दानदाताओं से बोले कमिश्नर -मरीजों की जान बचाओ

Publish Date: | Sun, 30 Aug 2020 05:34 PM (IST)

शासन नहीं खरीद पा रहा एंटी वायरल रेमडेसिविर इंजेक्शन, दानदाताओं से बोले कमिश्नर -मरीजों की जान बचाओ

मप्र मेडिकल कॉर्पोरेशन में सूचीबद्ध नहीं होने से सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल नहीं कर पा रहे खरीदी

चैतन्य सोनी। सागर

कोरोना मरीजों के लिए भरपूर बजट होने के बाद भी शासन एंटी वायरल रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं खरीद पा रहा। लोगों की जान बचाने के अब कमिश्नर ने दानदाताओं से गुहार लगाई है। ज्ञात हो कि सागर में कोरोना संक्रमण के कारण मौत के मामले बढ़ गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना के गंभीर मरीजों की जान बचाने में एंटी वायरल रेमडेसिविर इंजेक्शन काफी कारगर है, लेकिन सरकार की दवा नीति और मप्र मेडिकल कॉर्पोरेशन में रेमडेसिविर इंजेक्शन सूचीबद्ध नहीं है। इस कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन इसकी खरीदी नहीं कर पा रहा है, जिसके बाद समाजसेवियों से मदद की गुहार लगाई है।

29 दिन में कोरोना से गई 24 की जान

उल्लेखनीय है कि सागर में बीते 29 दिन में कोरोना से 24 मरीजों की जान जा चुकी है। बीएमसी प्रबंधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों से चर्चा के बाद संभाग कमिश्नर जेके जैन ने समाजसेवी संस्थाओं व अन्य दानदाताओं से आगे आकर कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए मदद की अपील की थी। इसके बाद सागर की सीताराम रसोई संस्था ने इंजेक्शन की खरीदी के लिए 7 लाख रुपये की मदद की, जिसके बाद पहली खेप में सीधे 150 एंटीवायरल रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने के लिए बीएमसी प्रबंधन ने संबंधित कंपनी को ऑर्डर भी कर दिया है।

बाजार में नहीं सीधे अस्पताल को होती है आपूर्ति

बीएमसी डीन डॉ. जीएस पटेल ने बताया कि एंटीवायरल थैरेपी के तहत रेमडेसिविर इंजेक्शन काफी कारगर है, लेकिन देश में महज तीन-चार कंपनियां ही इसे बनाती हैं। इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसकी आपूर्ति सीधे अस्पतालों को ही की जाती है। हमने बीते दिनों 15 मरीजों को इंजेक्शन लगाए थे। एक मरीज को 6 इंजेक्शन का डोज लगता है। फिलहाल करीब 25 हजार रुपये का एक इंजेक्शन आ रहा है। ये इंजेक्शन मप्र मेडिकल कॉर्पोरेशन में सूचीबद्ध नहीं है, जिस कारण कोई भी मेडिकल कॉलेज इसकी खरीदी नहीं कर पा रहा है।

सरकारी खरीद में प्रविधान नहीं है

कोरोना कंट्रोल व इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन का सरकारी खरीदी में प्रविधान नहीं है। हम सागर में सभी मरीजों का इलाज फ्री कर रहे हैं। हालांकि जो लोग सक्षम हैं वे तो इंजेक्शन खरीद सकते हैं, लेकिन अन्य जरूरतमंद मरीजों को इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समाजसेवियों को जोड़ा जा रहा है। सीताराम रसोई सहित अन्य लोग मदद के लिए आगे भी आए हैं।

– जेके जैन, कमिश्नर, सागर संभाग

Posted By: Nai Dunia News Network

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