क्यों रो रहे धरती के भगवान ? उफ्फ ये कैसी मजबूरी...जानें डॉक्टरों की आपबीती
नई दिल्लीदिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सिजन की किल्लत बनी हुई है। स्थिति यह है कि सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल लगातार ऑक्सिजन की किल्लत होने की बात कह रहे हैं। अस्पताल प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक को ट्वीट कर अपनी परेशानी बता रहे हैं। कई अस्पतालों ने ऑक्सिजन नहीं होने की वजह से पेशेंट्स की छुट्टी करना भी शुरू कर दिया है। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धरती के भगवान भी अब रोने लगे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि उन लोगों ने ऐसी स्थिति नहीं देखी थी। आइए जानते हैं डॉक्टरों की आपबीती...दिल्ली में ऑक्सिजन की कमी पर गहराते संकट के बीच कई अस्पतालों के पास बैकअप स्टोरेज इस्तेमाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरोज सुपर स्पेशिलिटी जैसे कुछ अस्पताल मरीजों के रिश्तेदारों को सलाह दे रहे हैं कि वे रोगियों को दूसरे अस्पताल ले जाएं।

नई दिल्ली
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सिजन की किल्लत बनी हुई है। स्थिति यह है कि सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल लगातार ऑक्सिजन की किल्लत होने की बात कह रहे हैं। अस्पताल प्रधानमंत्री कार्यालय, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक को ट्वीट कर अपनी परेशानी बता रहे हैं। कई अस्पतालों ने ऑक्सिजन नहीं होने की वजह से पेशेंट्स की छुट्टी करना भी शुरू कर दिया है। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धरती के भगवान भी अब रोने लगे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि उन लोगों ने ऐसी स्थिति नहीं देखी थी। आइए जानते हैं डॉक्टरों की आपबीती...
यदि मैं किसी को खोता हूं तो मुझे बुरा लगेगा

बत्रा अस्पताल (Batra Hospital) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) डॉक्टर एससीएल गुप्ता ऑक्सिजन संकट पर बात करते हुए फफक पड़े। उन्होंने कहा कि हम लोगों (मरीजों के परिजनों) से अनुरोध करते हैं कि वो अपने पेशेंट्स को वहां ले जाएं जहां उन्हें ऑक्सिजन की उपलब्धता हो। डॉ. गुप्ता का कहना था कि हम यह समझते हैं कि मरीज किसी की माता, पिता हैं.. यदि मैं किसी अपने को खोता हूं, तो यह स्वाभाविक है कि मुझे बहुत बुरा लगेगा।
#WATCH | Dr SCL Gupta, MD, Batra Hospital, Delhi breaks down as he speaks about oxygen crisis, says, "We are reques… https://t.co/OYjxxWFdeG
— ANI (@ANI) 1619261555000
मरीज मर जाएंगे, ऑक्सिजन कमी का हाल सुनाते रो पड़े
दिल्ली के शांति मुकुंद हॉस्पिटल के सीईओ सुनील सागर, हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी का हाल सुनाते- सुनाते रो पड़े। उन्होंने कहा कि बहुत विकट स्थिति है। हमारे पास बहुत कम ऑक्सीजन बचा है। हम ऑक्सिजन नहीं दे पाए तो हमारे मरीज मर जाएंगे। राजधानी के कड़कड़डूमा स्थित मकुंद हॉस्पिटल के सीईओ को जब यह पता चला कि उनके हॉस्पिटल में सिर्फ 2 घंटे का ही ऑक्सिजन बचा है वो परेशान हो गए। उनके यहां भर्ती 110 कोरोना मरीजों को लेकर वो परेशान हो गए।
#WATCH | Sunil Saggar, CEO, Shanti Mukand Hospital, Delhi breaks down as he speaks about Oxygen crisis at hospital.… https://t.co/agp3LTim24
— ANI (@ANI) 1619082650000
बस 30 मिनट की ही ऑक्सिजन बची है
दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल की ओर शनिवार सुबह पीएम मोदी, सीएम अरविंद केजरीवाल से लेकर एलजी तक से ऑक्सिजन को लेकर मदद मांगी गई। हॉस्पिटल की ओर से कहा गया कि हमारे पास कुछ ही देर की ऑक्सिजन बची है। मूलचंद हॉस्पिटल की मेडिकल डायरेक्टर मधु हांडा एक न्यूज चैनल से बात करते-करते रो पड़ीं। अपनी बेबसी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल के पास सिर्फ 30 मिनट की ऑक्सिजन बची है। हांडा ने कहा, 'हम जितनी जानें बचा सकते हैं, बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि सप्लाई टाइम पर मिल जाएगी। यह संकट खत्म ही नहीं हो रहा है। रोज यही हो रहा है। हम परेशान हैं। मैं इस ओर ध्यान दिलाना चाहती हूं कि स्थिति बहुत दुखद है।
लोग पैनिक कर रहे हैं, ऐसे हालात नहीं देखे

महाराष्ट्र की एक महिला डॉक्टर का वीडियो सामने आया था। इसमें वो बता रही हैं कि हालात कैसे बिगड़ते जा रहे हैं। ये वीडियो Dr Trupti Gilada का है। वो Infectious Diseases Specialist हैं। पांच मिनट के इस वीडियो की शुरुआत वो इस बात से करती हैं कि हम इस समय बहुत लाचार महसूस कर रहे हैं। ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए, लोग पैनिक कर रहे हैं। वो आगे बताती हैं कि हम यंग लोगों को देख रहे हैं, जो वेंटिलेटर पर हैं। हम अब उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि आपमें से कोई भी इस तरह की दिक्कत का सामना करे। वो ये भी कहती हैं कि हमें इमोश्नल ब्रेक डाउन हो रहा है।
सरकार संक्रमण का अनुमान लगाने में फेल

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि बीमारी के संक्रमण के फैलने का अनुमान लगाने में सरकार असफल रही है। इसका खामियाजा देश के हेल्थ केयर सिस्टम को भुगतना पड़ रहा है। डॉ. गुलेरिया ने तेजी से बढ़ते केस लोड को रोकने और ट्रांसमिशन के चेन को तोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हॉस्पिटल्स में बेड, मेडिकेशन या ऑक्सिजन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत है।
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