पुलिस की वर्दी, सीबीआई अफसर का रौब, 'स्पेशल 26' की तर्ज फैक्ट्री मालिक को लूटा, एक गलती से पकड़े गए सभी
छतरपुर अक्षय कुमार की फिल्म 'स्पेशल 26' की तर्ज पर छतरपुर (Chhatarpur Crime News) में एक वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई है। मगर एक गलती की वजह से सभी लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। आरोपियों ने सीबीआई अफसर (Six CBI Officer Arrest) बनकर दो लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। इसके बाद फरियादी निखिल बंसल ने जैकपिन बैबरिज डिस्लरी लिमिटेज नौगांव में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। फरियादी ने कहा था कि छह अगस्त को सुबह आठ बजे पांच से छह लोग हमारी फैक्ट्री में आए और अपने आप को सीबीआई अधिकारी बताकर बोले कि हम लोग साल 2020 में अलीगढ़ में जहरीली शराब कांड का जो मामला था, उसकी जांच करने आए हैं। उन लोगों ने गार्डों से कहा कि सभी लोग एक तरफ लाइन में खड़े हो जाओ, कोई कुछ नहीं बोलेगा। उनमें से एक सब इंस्पेक्टर की वर्दी में था, जिसके पास पिस्टल था। वहीं, एक कॉन्स्टेबल की वर्दी में था। फरियादी ने इन लोगों से पूछा कि क्या मामला है, तो सब इंस्पेक्टर की वर्दी वाला व्यक्ति ने कहा कि साल 2020 में अलीगढ़ में जो जहरीली शराबकांड हुआ था, उसकी हम जांच करने आए हैं। हमने पहले आपको सम्मन भेजा था, आप आए नहीं। इसके बाद फरियादी ने कहा कि हमें कोई सम्मन नहीं मिला है यदि कोई सम्मन जारी हुआ है, तो उसकी कॉपी दिखाई जाए, तो उनमें से दूसरा आदमी बोला, बहुत देर हो गई है, इनको लखनऊ लेकर चलो। लखनऊ चलकर होगी बात फैक्ट्री मालिक निखिल बंसल ने कहा कि मैं अपने वकील को बुलाता हूं, तो उन्होंने कहा कि कुछ नहीं चलो, सब बातें लखनऊ में जाकर होगी। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। साथ ही कहा कि हमारी शराब यूपी नहीं जाती है। हमारी डिस्लरी रजिस्टर्ड है और अलीगढ़ यहां से करीब पांच-छह सौ किलोमीटर दूर है। डील करने लगा एक शख्स इस दौरान सब इंस्पेक्टर की वर्दी में जो शख्स था, उसने फरियादी को कोने में बुलाकर कहा कि आपको मामला निपटाना है या बहस करनी है। इस पर फरियादी ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है, मुझे नहीं निपटाना है। वहीं, संदिग्ध व्यक्तियों में जो व्यक्ति मुख्य बनकर बात कर रहा था, उससे पीड़िता ने पूछा कि आप कौन हैं। इस पर उसने कहा कि मैं एडिशनल एसपी सीबीआई हूं और लखनऊ में पदस्थ हूं। ये लोग पीड़ित पर डील करने के लिए काफी दबाव बनाने लगे। इसके बावजूद पीड़ित शख्स मामला दफा करने के लिए राजी नहीं हुआ। ऑफिस की शुरू कर दी तलाशी इसके बाद फर्जी अधिकारियों ने अपनी पिस्टल निकालकर मैनेजर राजीव मित्तल के सीने में लगा दी और ऑफिस की तलाशी शुरू कर दी। इसके बाद दराज में रखे दो लाख रुपये छिन लिए। साथ ही जाते समय ऑफिस और गेट में लगे कैमरों का डीवीआर लेकर चले गए। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार वहीं, फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने भी तत्परता दिखाई है। सभी छह फर्जी सीबीआई अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें धर्मेंद्र, देवेंद्र कुमार, अविनाश कुमार, बुद्धराम, सिद्धपाल सिंह भदौरिया और देवेंद्र सिंह पायक है। आरोपी बुलंदशहर, नई दिल्ली, भोपाल और झांसी के रहने वाले हैं। इनके पास से दो फोन व्हीलर, तीन वर्दी और दो पिस्टल बरामद हुआ है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही मामले की जांच अभी भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को ठगता है।
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