क्राइम पेट्रोल देखकर ऑनर किलिंग की प्लानिंगः दूसरी जाति के लड़के से शादी करना चाहती थी लड़की, पिता, चाचा और भाइयों ने फांसी पर लटका दिया
ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक युवती को उसके पिता, चाचा और भाइयों ने मिलकर फांसी पर लटका दिया। वजद ये थी कि लड़की दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी। परिवार को यह मंजूर नहीं था। लड़की इसी कारण घर से एक बार भाग चुकी थी। परिवार के मर्दों ने टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल को देखकर उसे मारने की योजना बनाई। घर की महिलाओं को योजना से दूर रखा गया और लड़की को फांसी पर लटका दिया। घटना के नौ दिन बाद पुलिस ने युवती के पिता और सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। चाचा और दो चचेरे भाइयों की तलाश जारी है। ऑनर किलिंग का यह मामला ग्वालियर के जनकपुरी इलाके का है। यहां रहने वाली युवती का शव 2 अगस्त को उसी के घर में फांसी से लटका मिला था। परिजनों ने युवती के फांसी लगाने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की तो उसे मामला संदिग्ध नजर आया। पुलिस ने तत्काल फॉरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव और अन्य वरिष्ठ अफसरों को सूचना दी। फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने खोली पोल फॉरेंसिक एक्सपर्ट को दाल में काला नजर आया। युवती के गले पर फांसी के फंदे की गठान थी जो वह खुद नहीं लगा सकती थी। इसके अलावा जिस जाल से उसने फांसी लगाई थी, उसकी ऊंचाई भी बहुत ज्यादा थी। पुलिस ने युवती का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हो गई तो उसके परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू हुई। पिता ने पकड़ा, चाचा और भाइयों ने साड़ी बांधी युवती के भाई और पिता ने पहले तो हत्या से इनकार कर दिया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में टूट गए। हत्या को पांच लोगों ने मिलकर अंजाम दिया। इनमें युवती का पिता, सगा भाई, चाचा और उसके दो बेटे शामिल हैं। भाई, पिता और ताऊ ने योजना के तहत घर की एक बहू और बच्चे को बर्थडे पार्टी में भेज दिया। युवती की मां को कुछ नहीं पता था। उसे सोने के लिए छत पर भेज दिया। इसके बाद पिता ने युवती के हाथ पकड़े। चाचा और भाइयों ने गले में साड़ी बांध कर उसे फांसी पर लटका दिया। क्राइम पेट्रोल से सीखा, लेकिन ये गलती कर गए आरोपियों ने क्राइम पेट्रोल देखकर योजना तो चाक-चौबंद बनाई, लेकिन एक जगह गलती कर गए। उन्होंने गांठ ऐसी लगा दी जो फांसी लगाने वाला खुद नहीं लगा सकता। इसी से वे संदेह के घेरे में आ गए। हालांकि, जांच को भटकाने के लिए भी उन्होंने प्लानिंग की थी। चाचा के दो बेटे मनोज और मोनू को बचाने के लिए मुरैना में मारपीट के मामले में पुलिस से गिरफ्तार कराने और जेल में रखने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह फेल हो गई। दोनों भाई मुरैना में मारपीट की घटना को अंजाम नहीं दे सके। एक बार घर से भाग चुकी थी युवती के पिता और भाई ने पुलिस को बताया कि वह किसी दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी। जब पिता और भाई ने उसे समझाना चाहा तो उसने एक न सुनी। इसी साल 5 जून को वह घर से भाग गई थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई थी। एक महीने से ज्यादा समय तक गायब रहने के बाद पुलिस ने 7 जुलाई को उसे ढूंढ निकाला था। उसी रात हो गया था युवती की किस्मत का फैसला युवती डर के मारे अपने घर जाने को तैयार नहीं हुई तो उसे नारी निकेतन में रखा गया था। युवती की सहमति के बाद 31 जुलाई को उसे घर भेजा गया था। पिता और भाई ने पुलिस को बताया कि घर आने के बाद भी वह नहीं मान रही थी। अपने समाज के एक लड़के के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश की गई। फिर भी वह नहीं मानी तो परिवार के मर्दों ने उसी रात को उसकी हत्या करने की प्लानिंग रच डाली।
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