मथुरा जिला अस्पताल में तैनात बैतूल के डॉक्टर ने दी जान, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया आरोप
बैतूल: एमपी (Update) के बैतूल के एक युवा डॉक्टर ने मथुरा में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि मैनेजमेंट के दबाव से तंग डॉक्टर ने मथुरा में आत्महत्या कर ली है। बैतूल पुलिस ने डॉक्टर के शव को पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिवारवाले प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं। बैतूल के कोतवाली थाना इलाके के महदगांव निवासी 40 साल के डॉक्टर विनोद पवार मथुरा के सरकारी हॉस्पिटल में प्रबंधकीय काम देखते थे। बीएचएमएस डॉक्टर विनोद ने अस्पताल प्रबंधन में विशेषज्ञता हासिल की थी। जिसके चलते उन्हें अस्पताल प्रबंधन की जवाबदारी दी गई थी।
सोमवार को उन्होंने अपने मथुरा स्थित निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद परिजन उनका शव लेकर मंगलवार को बैतूल पहुंचे। कोतवाली पुलिस ने परीक्षण करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। टीआई रतनाकर हिंग्वे का कहना है कि विनोद डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल मथुरा में तैनात थे। उनकी फांसी लगाने और परिजनों की तरफ से शव यहां लाने के बाद परीक्षण करवाया गया है। घटना स्थल मथुरा में है। इसलिए जांच और अन्य कार्रवाई वहां पर ही होना था। बैतूल पुलिस मर्ग कायम कर डायरी मथुरा भेज रही है। उन्होंने बगैर पीएम मथुरा से शव भेजे जाने पर भी आश्चर्य व्यक्त किया है।
मृतक विनोद के रिश्तेदार आनंद कोडले ने कहा कि डॉक्टर विनोद कुछ दिनों से मैनेजमेंट के भारी दबाव में काम कर थे। उनके हॉस्पिटल में कोई नया अधिकारी तैनात हुआ था। जो कामकाज को लेकर तंग कर रहा था। विनोद उसी दबाव में थे। जिसके कारण उन्हें आत्महत्या करना पड़ा। विनोद की पत्नी मथुरा में अकेली थी। इसलिए शव यहां बुलवाकर पीएम करवाया गया। वे प्रबंधन पर प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज करवाएंगे।
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