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PCOS के कारण 105 किलो की हो गई थी ये महिला, अंडे खाकर घटा लिया 35 किलो वजन और बन गई जिम ट्रेनर

महिलाओं में पीसीओएस की समस्या बहुत आम है। इसके चलते ज्यादातर महिलाओं का वजन अचानक से बढऩे लगता है। उत्तर प्रदेश के बिजनोर की रहने वाली सना शमशी को भी एक समय में पीसीओएस का सामना करना पड़ा था। इस दौरान इनका वजन बढ़कर 105 किग्रा हो गया था। इसके कारण वह बहुत जल्दी थक जाती थीं और लंबे समय तक प्रजनन से जुड़ी समस्याओं से भी जूझती रहीं। इन स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के चलते उन्होंने वजन कम करने का फैसला किया। नतीजा यह रहा कि उन्होंने मात्र डेढ़ साल में 35 कलो वजन कम कर लिया और अब वे खुद एक फिटनेस ट्रेनर बन गई हैं। उन्होंने न केवल अपनी हेल्थ पर कंट्रोल किया , बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया। सना की वेटलॉस जर्नी कैसी रही, जानने के लिए आगे पढ़ें हमारा ये आर्टिकल।

बिजनोर की रहने वाली सना शमशी को पीसीओएस की प्रॉब्लम है। इसलिए उनका वजन 105 किलो हो गया। वेटलॉस करने के लिए उन्होंने जमकर अंडे खाएं और मात्र डेढ़ साल में 35 किलो वजन कम कर लिया। लोग अब सना को जिम ट्रेनर के तौर पर जानते हैं।


PCOS के कारण 105 किलो की हो गई थी ये महिला, अंडे खाकर घटा लिया 35 किलो वजन और बन गई जिम ट्रेनर

महिलाओं में पीसीओएस की समस्या बहुत आम है। इसके चलते ज्यादातर महिलाओं का वजन अचानक से बढऩे लगता है। उत्तर प्रदेश के बिजनोर की रहने वाली सना शमशी को भी एक समय में पीसीओएस का सामना करना पड़ा था। इस दौरान इनका वजन बढ़कर 105 किग्रा हो गया था। इसके कारण वह बहुत जल्दी थक जाती थीं और लंबे समय तक प्रजनन से जुड़ी समस्याओं से भी जूझती रहीं।

इन स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के चलते उन्होंने वजन कम करने का फैसला किया। नतीजा यह रहा कि उन्होंने मात्र डेढ़ साल में 35 कलो वजन कम कर लिया और अब वे खुद एक फिटनेस ट्रेनर बन गई हैं। उन्होंने न केवल अपनी हेल्थ पर कंट्रोल किया , बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया। सना की वेटलॉस जर्नी कैसी रही, जानने के लिए आगे पढ़ें हमारा ये आर्टिकल।



महिला के बारे में
महिला के बारे में

नाम- सना शमशी

व्यवसाय- जिम ट्रेनर

उम्र- 31 साल

शहर-बिजनोर,उत्तरप्रदेश

रिकॉर्ड किया वजन-105 किग्रा

कम किया वजन- 35 किग्रा

वजन कम करने में लगने वाला समय- डेढ़ साल



​कब आया टर्निंग पॉइंट
​कब आया टर्निंग पॉइंट

सना कहती हैं कि मेरा बढ़ा हुआ वजन मेरे लिए एक चुनौती थी। इसी वक्त मुझे पीसीओएस का पता चला। मैं बीमारी से बचने के लिए लंबे वक्त तक गोलियां नहीं खा सकती थी, इसलिए मैंने स्वभाविक रूप से खुद को बदलने का फैसला किया। अब मुझे यह कहते हुए गर्व होता है कि अपनी कड़ी मेहनत के कारण मैं एक योग्य जिम ट्रेनर बन गई हूं और दूसरों में बदलाव लाने के लिए उनकी पूरी मदद भी करती हूं।



​कैसी रही डाइट
​कैसी रही डाइट

नाश्ता-

सुबहके समय केले के साथ ओट्स का सेवन किया।

दोपहर का भोजन

- आमतौर पर घर का बना खाना खाती, जैसे दाल, चावल, रोटी और सलाद ।

रात का खाना-

शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए रात के खाने में जमकर अंडे खाती थी। इसे एक ही तरह से

खाने के बजाए अलग-

अलग रूपों में जैसे कभी ऑमलेट, कभी बॉउल, कभी सब्जियां डालकर खाती थीं।

प्री-वर्कआउट मील-

सेब और पीनट बटर

पोस्ट वर्कआउट मील-

4 उबले अंडे



​वर्कआउट और फिटनेस सीक्रेट
​वर्कआउट और फिटनेस सीक्रेट

सना बताती हैं कि तेजी से फैट बर्न करने के लिए मैंने कार्डियो के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को शामिल किया। अब मैं दोनों के कॉम्बिनेशन को फॉलो करती हूं। फिटनेस के लिए मैंने हर काम खुद से करने की कोशिश की और खुद से काम करने के लिए आपका फिट रहना बहुत जरूरी है। बस इसके लिए आपमें सेल्फ कॉन्फीडेंस होना चाहिए।

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डिस्क्लेमर : लेखक के लिए जो चीजें काम आईं जरूरी नहीं है कि आपके लिए भी काम करें। तो इस लेख में बताई गई डाइट-वर्कआउट को आंख मूंदकर फॉलो करने से बचें और पता करें कि आपके शरीर के लिए सबसे अच्छा क्या काम करता है।

यदि आपके पास भी ऐसी ही वेट लॉस से जुड़ी अपनी कहानी है, तो हमें nbtlifestyle@timesinternet.in पर भेजें।





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