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लोग नहीं माने तो कोरोना विस्फोट तय, इन तस्वीरों को देख लग जाएगा खतरे का अंदाजा

देश में कोरोना से हालात दोबारा बेकाबू होते दिख रहे हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्‍यों में कोरोना के बढ़ते मामलों से टेंशन बढ़ गई है। वहीं, कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से देश में मौत भी दर्ज की गई है। जिस रफ्तार से केस बढ़ने शुरू हुए हैं, वह तीसरी लहर की आहट दे रहा है। इसके बावजूद भी लोगों की लापरवाही देखने को मिल रही है।

नए साल की शुरुआत हो चुकी है और वहीं दूसरी ओर कोरोना के मामले भी देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। नए साल के पहले दिन देश के कई हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जो डराने वाली है। ऐसा भी कहा जा सकता है कि लोग खतरे को समझना ही नहीं चाहते हैं।


लोग नहीं माने तो कोरोना विस्फोट तय, इन तस्वीरों को देख लग जाएगा खतरे का अंदाजा

देश में कोरोना से हालात दोबारा बेकाबू होते दिख रहे हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्‍यों में कोरोना के बढ़ते मामलों से टेंशन बढ़ गई है। वहीं, कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से देश में मौत भी दर्ज की गई है। जिस रफ्तार से केस बढ़ने शुरू हुए हैं, वह तीसरी लहर की आहट दे रहा है। इसके बावजूद भी लोगों की लापरवाही देखने को मिल रही है।



नए साल के जश्न के साथ दे रहे हैं कोरोना को दावत
नए साल के जश्न के साथ दे रहे हैं कोरोना को दावत

नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमिटी ने कोरोना की तीसरी लहर पर अनुमान जाहिर किया था कि अगले साल की शुरुआत में इसके आने की संभावना है और फरवरी में तीसरी लहर पीक पर होगी। जिस तरह से राज्‍यों में केस बढ़े हैं, उससे यह भविष्‍यवाणी सच साबित होती दिख रही है। हालांकि गोवा की इस तस्वीर को देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कोरोना नियमों का कितना पालन कर रहे हैं।



किसकी गलती, कौन लेगा जिम्मेदारी
किसकी गलती, कौन लेगा जिम्मेदारी

जम्मू-कश्मीर कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच हुई भगदड़ में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। इस हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हैं और अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। घटना के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि मंदिर में दर्शन के लिए एक यात्रा रजिस्ट्रेशन होता है, जिसकी पर्ची ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड से ली जाती है। इस पर्ची की एक सीमित संख्या ही जारी की जाती है, जिससे कि मंदिर पर क्राउड को कंट्रोल किया जा सके। ये कोटा फिलहाल 25 हजार श्रद्धालुओं का है, जिसकी 20 फीसदी संख्या ऑनलाइन यात्रा पर्चियों के रूप में अलॉट होती है। स्थानीय होटल संचालकों और लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से पर्चियों की इस संख्या का कोई मतलब ही नहीं रह गया है। कोरोना का खतरा है और भीड़ को लेकर सख्त नियम नहीं है तो सवाल खड़े होंगे ही।



कोरोना नियमों का रखना है ध्यान
कोरोना नियमों का रखना है ध्यान

नए साल का स्वागत लोग अपने-अपने तरीके से कर रहे हैं। पहले दिन मंदिरों, गुरुद्वारों में भक्तों की भीड़ देखी गई। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में काफी संख्या में लोगों ने मत्था टेका। हालांकि इस दौरान कोरोना नियमों की अनदेखी साफ देखी जा सकती है।



जश्न के साथ नियमों का भी रखें ध्यान
जश्न के साथ नियमों का भी रखें ध्यान

गुजरात के अहमदाबाद में लोगों ने नए साल का जश्न गुब्बारों को उड़ाकर मनाया। इस दौरान लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। यह बार-बार कहा जा रहा है कि कोरोना नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है।



दिल्ली में येलो अलर्ट, बढ़ते ही जा रहे मामले
दिल्ली में येलो अलर्ट, बढ़ते ही जा रहे मामले

राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में भी नए साल के मौके पर काफी श्रद्धालु पहुंचे। यहां भी कोरोना नियमों की अनदेखी देखने को मिली। दिल्ली में येलो अलर्ट है और कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं।



जश्न के आगे भूल गए सभी नियम
जश्न के आगे भूल गए सभी नियम

यह तस्वीर इंडिया गेट की है। साल के पहले दिन लोग जश्न मनाने के लिए घरों से निकले। इंडिया गेट के पास ऐसे लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कई लोग बिना मास्क लगाए ही दिखाई दिए।





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