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डेल्टा हो या ओमीक्रोन, कोरोना के सभी वेरिएंट्स से 83% सुरक्षा देगा ये खास मास्क

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे ज्यादा तबाही ओमीक्रोन (Omicron) वेरिएंट ने मचा रखी है। बेशक ओमीक्रोन के लक्षण हल्के हैं लेकिन इसमें तेजी से फैलने की क्षमता है और यही वजह है कि यह बहुत जल्दी कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन गया। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) सहित दुनियाभर की बड़ी स्वास्थ्य संस्थाओं ने इसे हल्के में न लेने की सलाह दी है और साथ हो लोगों से कोरोना से जुड़े जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है।कोरोना वायरस का कोई स्थायी इलाज नहीं है इसलिए जरा सी लापरवाही आपको कोरोना का मरीज बना सकती है। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना, टीकाकरण और अन्य सभी नियमों का पालन करते रहना जरूरी है। मास्क को कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे प्रभावशाली मास्क कौन सा है? इसका उत्तर एपिडेमियोलॉजिस्ट फहीम यूनुस ने दिया है। डॉक्टर फहीम यूनुस ने सुझाव दिया है कि कोरोना से बचाव के लिए केएन95 (KN95) मास्क 83% तक सुरक्षा कर सकता है। नए अध्ययनों से पता चला है कि घर के अंदर या सार्वजनिक स्थानों पर मास्क या रेस्पिरेटर का उपयोग करने से SARS-CoV-2 संक्रमण होने की संभावना कम होती है। इससे उन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलती है, जो हर समय फेस मास्क या रेस्पिरेटर पहनते हैं।

Which mask is best for covid: कोरोना वायरस का कोई स्थायी इलाज नहीं है इसलिए जरा सी लापरवाही आपको कोरोना का मरीज बना सकती है। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना, टीकाकरण और अन्य सभी नियमों का पालन करते रहना जरूरी है। मास्क को कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है।


Coronavirus mask: डेल्टा हो या ओमीक्रोन, कोरोना के सभी वेरिएंट्स से 83% सुरक्षा देगा ये खास मास्क

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic)

का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे ज्यादा तबाही ओमीक्रोन (Omicron) वेरिएंट ने मचा रखी है। बेशक ओमीक्रोन के लक्षण हल्के हैं लेकिन इसमें तेजी से फैलने की क्षमता है और यही वजह है कि यह बहुत जल्दी कोरोना की तीसरी लहर का कारण बन गया। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) सहित दुनियाभर की बड़ी स्वास्थ्य संस्थाओं ने इसे हल्के में न लेने की सलाह दी है और साथ हो लोगों से कोरोना से जुड़े जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है।

कोरोना वायरस

का कोई स्थायी इलाज नहीं है इसलिए जरा सी लापरवाही आपको कोरोना का मरीज बना सकती है। कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना, टीकाकरण और अन्य सभी नियमों का पालन करते रहना जरूरी है। मास्क को कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे प्रभावशाली मास्क कौन सा है? इसका उत्तर एपिडेमियोलॉजिस्ट फहीम यूनुस ने दिया है।

डॉक्टर फहीम यूनुस ने सुझाव दिया है कि

कोरोना से बचाव

के लिए केएन95 (KN95) मास्क 83% तक सुरक्षा कर सकता है। नए अध्ययनों से पता चला है कि घर के अंदर या सार्वजनिक स्थानों पर मास्क या रेस्पिरेटर का उपयोग करने से SARS-CoV-2 संक्रमण होने की संभावना कम होती है। इससे उन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलती है, जो हर समय फेस मास्क या रेस्पिरेटर पहनते हैं।



KN95 मास्क से मिलती है ज्यादा सुरक्षा
KN95 मास्क से मिलती है ज्यादा सुरक्षा

अध्ययन में पता चला है कि घर के अंदर किसी भी फेस मास्क या रेस्पिरेटर का उपयोग किया जा सकता है और सुरक्षा देता है। हालांकि एन 95 / केएन 95 रेस्पिरेटर पहनने वालों को अधिक सुरक्षा मिलती है। इसके बाद सर्जिकल मास्क से और उसके बाद कपड़े के मास्क से सुरक्षा मिल सकती है।



किस मास्क से कितनी सुरक्षा मिलेगी
किस मास्क से कितनी सुरक्षा मिलेगी

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में बताया कि कपड़े के मास्क से आपको 56%, सर्जिकल मास्क से 66% और एन 95 / केएन 95 से 83% तक सुरक्षा मिल सकती है। इसका मतलब यह है कि अगर आपको

कोरोना वायरस का जोखिम

कम करना है, तो आपको यह मास्क पहनना शुरू कर देना चाहिए।



कपड़े के मास्क के नीचे डिस्पोजल मास्क पहनना जरूरी
कपड़े के मास्क के नीचे डिस्पोजल मास्क पहनना जरूरी

सीडीसी के नये दिशा-निर्देशों में बताया गया था कि अगर आप कपड़े का मास्क पहन रहें हैं, तो उसके नीचे एक डिस्पोजेबल मास्क पहनें। दोबारा इस्तेमाल किए हुए मास्क को गंदा होते ही या दिन में कम से कम एक बार धोना चाहिए। अगर आपके पास डिस्पोजल फेस मास्क है, तो उसे एक बार पहनने के बाद फेंक दें।



N95 मास्क कितना असरदार
N95 मास्क कितना असरदार

यह मास्क सर्जिकल मास्क के मुकाबले ज्यादा कारगार है। ये कई लेयर वाले फिल्टर से लैस होते हैं और फिटिंग में टाइट भी। यह मास्क 95 फीसदी तक छोटे बड़े दूषित कणों से बचाते हैं। फिट होने के कारण इनमें लीकेज की संभावना बेहद कम होती है। इस मास्क में तीन लेयर होती हैं, जो छोटे से छोटे प्रदूषण और कणों को दूर रखती हैं।



कपड़े के मास्‍क से 15 मिनट में हो सकतें हैं संक्रमित
कपड़े के मास्‍क से 15 मिनट में हो सकतें हैं संक्रमित

सीडीसी के अनुसार,

एक असंक्रमित व्यक्ति को बिना चेहरे को ढके किसी संक्रमित व्यक्ति के करीब आने से संक्रमित होने में केवल 15 मिनट लगते हैं। अगर दोनों कपड़े का मास्क पहने हैं, तो संक्रमित होने में 27 मिनट का समय लगता है। दोनों द्वारा पहना जाने वाला

सर्जिकल मास्क

30 मिनट तक सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन जब दोनों ने N95 मास्क पहना है तो सुरक्षा का समय ढाई घंटे तक बढ़ जाता है।





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