छात्र राजनीति से निकले, आगे छात्रों ने ही छीन ली CM की कुर्सी, गुजरात के 'छोटे सरकार' का पूरा किस्सा
बड़ौदा के संखेड़ा में जन्में छोटे कद के पाटीदार नेता को गुजरात में छोटे सरकार और नर्मदा के नायक के तौर आज भी याद किया जाता है। महज 21 साल की उम्र में छात्र संघ के अध्यक्ष का चुनाव जीतने वाले छोटे सरकार छात्रों की नाराजगी को नहीं भांप पाए थे, यही वजह रही कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। कहते हैं उन्हें इंदिरा गांधी को चैलेंज देने का खामियाजा उठाना पड़ा था, हालांकि वे 17 साल फिर सीएम बने और इस बार ऐतिहासिक फैसले लिए।
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