सोमवती अमावस्या पर 100 साल बाद शुभ संयोग, जानें पितृ पूजन का महत्व
ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपठी के मुताबिक, यह दुर्लभ संयोग करीब 100 वर्षों के बाद बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह संयोग ईश्वर की भक्ति और पितरों के प्रति कृतज्ञता के लिहाज से बहुत अनुकूल माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है.
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