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बैरागढ़ एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण एजेंसी पर 20 लाख की पेनल्टी लगाने के निर्देश


भोपाल:
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने स्थानीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा के साथ बैरागढ़ में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरे मार्ग का भ्रमण कर कार्य की भौतिक प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था, सर्विस रोड की स्थिति और नागरिकों के आवागमन की सुगमता का बारीकी से जायजा लिया।



लापरवाही और धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी गति और कार्यस्थल पर अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था पाए जाने पर मंत्री श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना विभाग तथा निर्माण एजेंसी की संयुक्त जिम्मेदारी है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने सभी कमियों और अव्यवस्थाओं को 3 दिन के भीतर दूर करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, कार्य में अनावश्यक विलंब और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर अनुबंध की शर्तों के तहत 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू करने और सर्विस रोड की खराब स्थिति को युद्ध स्तर पर सुधारने के निर्देश दिए गए।

मार्च 2027 तक कार्य पूर्ण करने की सख्त समय-सीमा मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्रिज का संपूर्ण निर्माण कार्य मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। इस तय समय-सीमा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

  • माइक्रो प्लानिंग और मॉनिटरिंग: कार्य की गति को गति देने के लिए पर्ट चार्ट (PERT Chart) आधारित एक्टिविटी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।

  • नियमित समीक्षा: मुख्य अभियंता प्रत्येक सप्ताह इस कार्य की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे, तथा हर 15 दिन में एक विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन (Progress Report) शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।

यातायात प्रबंधन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता संत हिरदाराम नगर का यह मुख्य मार्ग अत्यधिक यातायात घनत्व (Traffic Density) वाला क्षेत्र है, जिसके चलते मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि रखने के निर्देश दिए:

  • निर्माण स्थल पर केवल वहीं सेफ्टी बैरियर लगाए जाएं जहां वास्तविक रूप से निर्माण कार्य चल रहा हो, ताकि नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।

  • सिविल अस्पताल के आसपास की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारकर मरीजों, एम्बुलेंस और आम नागरिकों के निर्बाध व सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जाए।

  • निर्माण स्थल पर फैले मलबे और अन्य अपशिष्ट सामग्रियों को तत्काल हटाकर मार्ग को साफ-सुथरा रखा जाए।

पर्यावरण संरक्षण और जन-सुविधा पर जोर मंत्री श्री सिंह ने ब्रिज पर वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि आज की बड़ी अधोसंरचना (Infrastructure) परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि लोक निर्माण विभाग ‘लोक निर्माण से लोक-कल्याण’ के ध्येय के साथ आगे बढ़ रहा है। विभाग की कार्यशैली में आए बदलाव के तहत अब प्रत्येक निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता, समयबद्धता, पूर्ण जवाबदेही और जन-सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।