मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: बुनियादी ढांचे, सिंचाई और खेल विकास के लिए ₹13,790 करोड़ से अधिक की मंजूरी
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, कृषि विस्तार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के लिए ₹13,790 करोड़ से अधिक के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई दूरगामी और जनहितैषी निर्णय लिए गए।
प्रमुख निर्णय एवं घोषणाएं:
- 140 विधानसभा क्षेत्रों में 'मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स':
- खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए ₹962 करोड़ 50 लाख की सैद्धांतिक सहमति दी गई है।
- इन सभी खेल परिसरों का नाम 'मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' रखा जाएगा।
- विशेष व्यवस्था के तहत इन परिसरों के मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, जिससे 'पीएमश्री योजना' के हेलीकॉप्टर्स का आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।
- सिंचाई परियोजनाओं को विस्तार और वित्तीय स्वीकृति:
- नीमच जिला: जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) की निरंतरता के लिए ₹4,197 करोड़ 58 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक से पानी मिलेगा।
- राजगढ़ जिला: सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए ₹262 करोड़ 63 लाख (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) और पार्वती-रिंसी सिंचाई परियोजना के लिए ₹507 करोड़ 23 लाख मंजूर किए गए हैं, जिससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
- ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा:
- एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के माध्यम से केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के डीबीएफओओ मॉडल के आधार पर 2800 मेगावाट ताप विद्युत (नवीन ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड सहित मौजूदा व निर्माणाधीन) परियोजनाओं से जुड़ी प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।
- न्यायिक प्रणाली और प्रशासनिक मजबूती:
- मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से जुड़ी 'उच्च न्यायालय (भारित)' योजना के लिए ₹2,015 करोड़ 60 लाख स्वीकृत किए गए।
- 'परिवार न्यायालयों की स्थापना' योजना के वास्ते 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए ₹1,000 करोड़ की मंजूरी दी गई।
- ग्राम न्यायालय योजना के लिए ₹554 करोड़ 61 लाख तथा मप्र विधिक सहायता एवं सलाह बोर्ड के लिए ₹524 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
- स्वास्थ्य शिक्षा (इंदौर डेंटल कॉलेज):
- शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर में शिक्षा की गुणवत्ता और सीटों को बढ़ाने के लिए 13 नए शिक्षकों के पद (प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक) सृजित किए गए हैं। इससे बीडीएस की सीटें 63 से बढ़कर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़कर 44 हो सकेंगी।
- वाणिज्यिक कर एवं अन्य योजनाएं:
- वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संपदा ई-रजिस्ट्री, स्टाम्प बिक्री, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण सहित 6 प्रमुख योजनाओं के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु ₹969 करोड़ 87 लाख मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही नवगठित जिलों (जैसे मैहर और पांढुर्णा) और सिंगरौली के चितरंगी ब्लॉक में नए कार्यालयों के गठन व पदों की स्वीकृति भी दी गई है।