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₹80,000 प्रति माह वेतन वाले सरकारी शिक्षक हैं या गुंडे, पहले छात्र की पिटाई फिर परिजन को ईँट से मारने का प्रयास, वीडियो वायरल


उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के कंपोजिट विद्यालय रतनपुर झिंगहा (उच्च प्राथमिक विद्यालय करेली) के प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेंद्र पाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में शिक्षक पर एक छात्र को बेरहमी से पीटने और इसके बाद जब परिजन शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और जानलेवा तेवर दिखाने का गंभीर आरोप लगा है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक शैलेंद्र पाल सिंह ने स्कूल के एक छात्र के साथ कथित तौर पर अत्यधिक मारपीट की थी। जब बच्चा रोते हुए घर पहुंचा और आपबीती बताई, तो गुस्साए परिजन और स्थानीय ग्रामीण सच्चाई जानने के लिए तुरंत स्कूल पहुंच गए।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब ग्रामीण शिक्षक से उनके इस अमानवीय कृत्य का जवाब मांगते हैं, तो शिक्षक अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय आग बबूला हो जाते हैं। वीडियो के अनुसार, शिक्षक ने ग्रामीणों पर रौब झाड़ते हुए कथित तौर पर हाथ में ईंट उठा ली और स्कूल में रखे फायर एक्सटिंग्विशर से हमला करने या डराने का प्रयास किया। एक शिक्षक के इस हिंसक और आक्रामक रवैये ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया।

प्रशासनिक और कानूनी एक्शन

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश है।

शिकायत दर्ज: पीड़ित छात्र के पिता और स्थानीय नागरिकों ने इस घटना का पूरा वीडियो साक्ष्य और एक लिखित शिकायत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को सौंप दी है।

जांच के आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से इसका संज्ञान लिया है और शिक्षक के खिलाफ निष्पक्ष जांच बैठा दी है।

कड़ी कार्रवाई की मांग: सोशल मीडिया यूजर्स और स्थानीय लोग उत्तर प्रदेश शासन, जिला प्रशासन और शिक्षा मंत्री से लगातार मांग कर रहे हैं कि ऐसे अनुशासनहीन और हिंसक प्रवृत्ति के शिक्षक को तुरंत निलंबित किया जाए ताकि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

इस घटना के सामने आने के बाद से इंटरनेट पर लोग अपनी कड़ी नाराजगी जता रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि स्कूल को 'विद्या का मंदिर' कहा जाता है, जहां बच्चे भविष्य गढ़ने आते हैं। ऐसे में यदि एक शिक्षक खुद बच्चों पर हाथ उठाए और विरोध करने पर परिजनों को डराने के लिए ईंट-पत्थर या सुरक्षा उपकरण उठाने लगे, तो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरेंगे।

उत्तर प्रदेश में इस स्तर के सरकारी शिक्षकों की अनुमानित सैलरी पे-मैट्रिक्स (7th Pay Commission) के अनुसार लगभग ₹50,000 से ₹80,000 प्रति माह (मूल वेतन और भत्तों को मिलाकर) या उससे अधिक हो सकती है, जो उनके अनुभव और वरिष्ठता पर निर्भर करती है। फिलहाल, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है, जिसके आधार पर आरोपी शिक्षक पर अंतिम दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।