'वो बेचारा है, जो कह रहा है...', पीके पर सीएम सम्राट का पलटवार
बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर से बेहद तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर द्वारा शराबबंदी खत्म करने के दिए गए बयान पर जोरदार पलटवार किया है। प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि वह बेचारा है, जो मन में आ रहा है कहे जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मंच से भाषण देना अलग बात है, लेकिन बिहार की जमीनी सामाजिक हकीकत को समझना पूरी तरह से अलग है।
शराबबंदी को बताया ऐतिहासिक निर्णय
सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार में शराबबंदी की नीति पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक और साहसिक फैसला करार दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा में कमी और गरीब परिवारों के आर्थिक व सामाजिक स्तर में सुधार लाना है, जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है।
राजस्व नुकसान से बड़ा है सामाजिक सुधार
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वीकार किया कि इस नीति की वजह से बिहार सरकार को हर साल लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के बड़े राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के लिए राजस्व से अधिक महत्वपूर्ण जनता की भलाई और राज्य का सामाजिक ताना-बाना है। सरकार पैसे के नुकसान की भरपाई अन्य विकास कार्यों और माध्यमों से कर सकती है, लेकिन उजड़े हुए परिवारों को दोबारा नहीं बसाया जा सकता।
प्रशांत किशोर के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून को वापस लेने का कोई विचार नहीं है। विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस कानून के समर्थन में है और सरकार इसे और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर काम कर रही है।