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भोपाल के वकील से मारपीट का मामला: वकीलों के हंगामे के बाद एक्शन, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित


वकीलों के हंगामे के बाद एक्शन थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में देर रात तक चले वकीलों के भारी प्रदर्शन और आक्रोश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार और दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और वकीलों के बीच के संबंधों और आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिवक्ता राकेश रावल का आरोप पुलिसकर्मियों ने उन्हें कीचड़ में गिरा दिया और डंडों से पीटा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार देर शाम की है। पीड़ित अधिवक्ता राकेश रावल (उम्र 45 वर्ष) का आरोप है कि वे मंगलवार शाम करीब 8 बजे खटलापुरा मंदिर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल खत्म हो चुका है, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध जताने पर बात इतनी बढ़ गई कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई की, उन्हें कीचड़ में गिरा दिया और डंडों से पीटा।

घटना की जानकारी मिलते ही वकीलों में रोष फैल गया और देखते ही देखते करीब 50 से अधिक वकील जहांगीराबाद थाने के बाहर एकत्रित हो गए। वकीलों ने थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और थाना प्रभारी राजन अहिरवार समेत संबंधित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर बर्खास्तगी की मांग पर अड़ गए। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सार्वजनिक किए, जिसमें अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों और शरीर पर कथित तौर पर मारपीट के चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। वकीलों का कहना था कि जब न्याय के रक्षक ही कानून हाथ में लेकर वकीलों के साथ इस तरह की बर्बरता करेंगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है।

पुलिस महकमे में हड़कंप मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने शुरुआती तौर पर मामले की जांच की बात कही थी, जिसके बाद बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शन के चलते जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार और दो अन्य संलिप्त पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। हालांकि, वकीलों का एक धड़ा अभी भी सिर्फ निलंबन से संतुष्ट नहीं है और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग पर कायम है। इस पूरी घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है।

Report by; Anand Bandewar