Top Story

नीली क्रांति के लिए बीमा कवच: पीएम-एमकेएसएसवाई भारत के जलीय किसानों के लिए जोखिम प्रबंधन


भारत का जलीय कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही रोग, बाढ़ और जलवायु परिवर्तन जैसे जोखिम भी बढ़ रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) जलीय किसानों को वित्तीय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन का एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान कर रही है।

मत्स्य क्षेत्र की मुख्य उपलब्धियां (2024-25)

रिकॉर्ड उत्पादन: भारत का वार्षिक मछली उत्पादन वर्ष 2013-14 के 9.6 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 19.8 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारत लगभग 8% हिस्सेदारी के साथ विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है।

अंतर्देशीय और निर्यात वृद्धि: अंतर्देशीय मछली उत्पादन 6.1 मिलियन टन से बढ़कर 14.74 मिलियन टन हो गया है। साथ ही, समुद्री उत्पाद निर्यात वर्ष 2013-14 के 5.08 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 8.46 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह क्षेत्र देश के 3 करोड़ से अधिक लोगों (विशेषकर तटीय और कमजोर समुदायों) को आजीविका प्रदान करता है।

जलीय कृषि बीमा पहल और प्रोत्साहन

जलीय कृषि में बार-बार आने वाले जोखिमों (जैसे रोगों का प्रकोप, प्रदूषण, और प्राकृतिक आपदाएं) से छोटे और सीमांत किसानों को बचाने के लिए पीएम-एमकेएसएसवाई के घटक 1-बी के तहत बीमा को बढ़ावा दिया जा रहा है:

  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी): लाभ राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) के जरिए सीधे किसानों के खातों में पहुंचाए जाते हैं।
  • तालाब जलीय कृषि के लिए: बीमा प्रीमियम की लागत का 40 प्रतिशत (प्रति हेक्टेयर अधिकतम 25,000 रुपये) तथा 4 हेक्टेयर क्षेत्र तक के लिए अधिकतम 1,00,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।
  • उन्नत प्रणालियां: केज कल्चर, आरएएस (RAS), बायोफ्लॉक जैसी उन्नत प्रणालियों के लिए भी 40 प्रतिशत (अधिकतम 1,00,000 रुपये, अधिकतम 1,800 घन मीटर इकाई आकार) तक प्रोत्साहन मिलता है।
  • अतिरिक्त लाभ: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को सामान्य श्रेणी के प्रोत्साहन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ दिया जाता है।

दावा निपटान और बीमा कंपनियां

त्वरित निपटान: दावों की संपूर्ण प्रक्रिया झींगा पालन के लिए 30 दिनों और अन्य जलीय कृषि गतिविधियों के लिए 45 दिनों के भीतर पूरी की जानी है।

सक्रिय बीमा कंपनियां: वर्तमान में चार प्रमुख कंपनियां—ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड—यह कवरेज दे रही हैं।

अब तक की प्रगति: इस योजना के तहत अब तक कुल 316 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 127 आवेदनों को मंजूरी देकर 40.03 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

यह पहल जलीय कृषि बीमा को केवल एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के लिए नुकसान के समय एक भरोसेमंद और टिकाऊ सुरक्षा कवच बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।