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CRIME: भोपाल पुलिस को चोरों की गैंग की चुनौती, ACP के घर चोरी अब तक 71 लाख का माल बरामद

 


भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाकी के इकबाल को चुनौती देने वाली एक बड़ी चोरी का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। कोलार रोड थाना क्षेत्र में एसीपी विजय कुमार दुबे के आवास को निशाना बनाने वाले अंतर्राज्यीय नकबजन गिरोह पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि चोरी की परतें एक-एक कर खुलती चली गईं। पुलिस की सूझबूझ और कड़ी पूछताछ के आगे शातिर चोरों के सारे पैंतरे धरे के धरे रह गए, और देखते ही देखते बरामदगी का यह आंकड़ा 71 लाख रुपये के पार पहुंच गया।

क्या था पूरा मामला और कैसे बिछा जाल?

गत 11 सितंबर 2026 को डीके-2/507 दानिशकुंज कोलार रोड निवासी एसीपी विजय कुमार दुबे के घर पर अज्ञात बदमाशों ने धावा बोला था। घर सूना पाकर चोरों ने कीमती आभूषण, नकदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में कोलार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों को मैदान में उतारा गया था।

तकनीकी साक्ष्यों और लगभग 1500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में चार शातिर आरोपियों को दबोचकर 25 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया था। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी।

चोरों के शातिर झूठ और पुलिस की 'खाकी' वाली सख्ती

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू की, तो उन्होंने जांच को भटकाने के लिए ऐसे-ऐसे झूठ बोले कि पुलिस भी एक बार उलझन में पड़ गई।

देवेन्द्र का 'सराफा बाजार' वाला ड्रामा: आरोपी देवेन्द्र गुर्जर उर्फ देवा ने पुलिस को गुमराह करते हुए यह कहानी गढ़ी कि उसने सारा माल इंदौर के सराफा बाजार में बेच दिया है। जब पुलिस ने मौके पर जाकर तस्दीक की तो उसकी यह कहानी पूरी तरह झूठी निकली। इसके बाद जब पुलिस ने अपनी ट्रेडिशनल और सख्त शैली में पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने राजस्थान के जिला भीलवाड़ा (थाना गंगापुर के नेगदिया का खेड़ा) स्थित उसके पैतृक निवास से 20 तोला सोना और 150 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद कर लिए।

रोहित पाल का झूठ भी हुआ बेनकाब: एक अन्य आरोपी रोहित पाल ने भी इंदौर के किसी व्यापारी को माल बेचने की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने जब सख्ती बरती और मक्सी रोड उज्जैन बस स्टैंड के पीछे दबिश दी, तो वहां से भी 10 तोला सोना और 150 ग्राम चांदी बरामद हो गई।

अब तक का कुल जप्त मशरूका (एक नजर में):

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों के बताए ठिकानों (राजस्थान और उज्जैन) से करीब 46 लाख रुपये के और जेवरात मिलने के बाद, इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल जब्ती की अनुमानित कीमत लगभग 71 लाख रुपये है जिसमे, कुल लगभग 400 ग्राम वजनी सोने के जेवरात, लगभग 500 ग्राम वजनी चांदी के जेवरात, नकद राशि: 1,76,000/- रुपये नकद, वाहन व गैजेट्स: वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार, एक आईफोन और अन्य कीमती मोबाइल फोन आदि सामान शामिल हैं। 

अपराधियों का काला चिट्ठा (क्रिमिनल हिस्ट्री): पकड़े गए चारों आरोपी आम चोर नहीं, बल्कि बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं, जिनके नाम दर्ज मामलों की फेहरिस्त लंबी है:

  • रोहित पाल (उज्जैन) - कुल 15 अपराध दर्ज।
  • पवन आर्य (गोहद, भिंड) - कुल 39 अपराध दर्ज!
  • दीपक गुर्जर (इंदौर) - कुल 02 अपराध दर्ज।
  • देवेन्द्र गुर्जर उर्फ देवा (इंदौर) - कुल 15 अपराध दर्ज।

सराहनीय टीम वर्क

इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करने और करोड़ों के माल को सुरक्षित रिकवर करने में थाना कोलार रोड के स्टाफ, क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और साइबर सेल की टीम ने अपनी व्यावसायिक दक्षता का बेहतरीन परिचय दिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी से एक बार फिर साबित हो गया है कि कानून के लंबे हाथों से शातिर से शातिर अपराधी भी नहीं बच सकते।