जेल से फिल्मी स्टाइल में 17 कैदी फरार, ड्रोन और 300 पुलिसकर्मियों के महा-सर्च ऑपरेशन में 13 गिरफ्तार

चेन्नई/थेनी: तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल में एक बड़ी सुरक्षा चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ से 17 कैदी सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला कर फरार हो गए। हालांकि, घटना के तुरंत बाद पुलिस की मुस्तैदी और बड़े पैमाने पर चलाए गए हाई-टेक सर्च ऑपरेशन के चलते इनमें से 13 कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि 4 कैदियों की तलाश अभी भी जारी है।
मिर्गी का नाटक और पुलिस पर हमला (भागने की साजिश) कैदियों ने जेल से भागने के लिए एक सोची-समझी और शातिर साजिश रची थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, एक कैदी ने अचानक मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। उसकी मदद के लिए जैसे ही जेल कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे, घात लगाए बैठे अन्य कैदियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और जेल के सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए फरार हो गए। इस भीषण हमले में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें से थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में गंभीर चोट आई है, जिन्हें तुरंत जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्रोन और 300 पुलिसकर्मियों का विशाल सर्च ऑपरेशन फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक जवानों और ड्रोन कैमरों की मदद से एक सघन तलाशी अभियान (Combing Operation) शुरू किया:
एक कैदी को जेल के ठीक पीछे झाड़ियों में छिपा हुआ पाया गया।
तीन कैदी सड़क पर पैदल भागते हुए पकड़े गए।
एक कैदी को ऑटोरिक्शा में चढ़कर भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया।
बाकी 8 कैदियों को ड्रोन की मदद से थेनी शहर के पास एक घने जंगली इलाके में ट्रैक किया गया और उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया गया।
9 अधिकारी सस्पेंड और 17 स्पेशल टीमें गठित इस बड़ी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, ड्यूटी पर तैनात 9 जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। बाकी बचे 4 कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 17 स्पेशल टीमें बनाई हैं। आसपास के जिलों (मदुरै, डिंडीगुल) और केरल के इडुक्की बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। केवल डिंडीगुल जिले में ही 16 जगहों पर चेकपोस्ट बनाकर वाहनों और बसों की सघन चेकिंग की जा रही है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा यह घटना तमिलनाडु में 1995 के बाद (जब वेल्लोर जेल से सुरंग बनाकर 43 कैदी भागे थे) सबसे बड़ी जेल ब्रेक घटनाओं में से एक मानी जा रही है। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर कानून-व्यवस्था में ढिलाई का आरोप लगाया है। DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन, AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी और भाजपा के प्रवक्ताओं ने इसे सरकार और जेल सुरक्षा तंत्र की बड़ी नाकामी करार दिया है।