उज्जैन में सितम्बर 2026 से शुरू होगी बहुचर्चित वेब सीरीज की शूटिंग, महाकाल लोक और क्षिप्रा तट बनेंगे मुख्य लोकेशन
धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन अब भारतीय सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए एक पसंदीदा शूटिंग गंतव्य बनकर उभर रही है। सितम्बर 2026 में उज्जैन के विभिन्न ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों पर एक बहुचर्चित वेब सीरीज के मुख्य शेड्यूल की शूटिंग शुरू होने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में बॉलीवुड के कई जाने-माने कलाकार और राष्ट्रीय स्तर के तकनीशियन उज्जैन पहुंच चुके हैं। इस शूटिंग शेड्यूल के चलते क्षिप्रा नदी के तटों से लेकर शहर की प्राचीन गलियों तक एक नया सिनेमाई उत्साह देखने को मिल रहा है।
क्षिप्रा तट और महाकाल लोक में सजेंगे भव्य सेट
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इस वेब सीरीज के लिए शहर के कई प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया है। सितम्बर माह के सुहावने मौसम के बीच रामघाट, नृसिंह घाट, श्री महाकाल लोक परिसर तथा चिंतामन गणेश मंदिर क्षेत्र में महत्वपूर्ण दृश्यों का चित्रांकन किया जाएगा। फिल्म निर्माताओं का कहना है कि उज्जैन का प्रामाणिक वातावरण और यहां की स्थापत्य कला कहानी की पृष्ठभूमि को जीवंत बनाने में बेहद मददगार साबित हो रही है। रात्रि कालीन दृश्यों की शूटिंग के लिए क्षिप्रा नदी के घाटों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है।
मालवा के स्थानीय रंगकर्मियों और युवाओं को मिला बड़ा मंच
इस बड़े फिल्म प्रोजेक्ट के माध्यम से उज्जैन और मालवा अंचल के स्थानीय रंगकर्मियों तथा थियेटर कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का शानदार अवसर मिला है। प्रोडक्शन हाउस द्वारा हाल ही में उज्जैन में आयोजित किए गए ऑडिशन के जरिए अनेक स्थानीय युवाओं को सहायक भूमिकाओं और तकनीकी टीमों में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, शूटिंग दल के आगमन से स्थानीय होटल उद्योग, परिवहन और खान-पान के व्यवसाय को भी काफी बढ़ावा मिल रहा है, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।
फिल्म टूरिज्म नीति से सुगम हुई शूटिंग प्रक्रिया
मध्य प्रदेश सरकार की सुदृढ़ फिल्म पर्यटन नीति के अंतर्गत उज्जैन जिला प्रशासन ने सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए इस शूटिंग के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां त्वरित रूप से प्रदान की हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि शूटिंग के दौरान महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। उज्जैन में लगातार बढ़ रही सिनेमाई गतिविधियों से मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिल रही है।