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4 वर्षों में 1.87 लाख से अधिक युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण, 96,000 को मिला रोजगार



नई दिल्ली: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही' (पीएम-दक्ष) योजना ने वंचित वर्गों के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान इस योजना के तहत 1,87,305 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें से 96,162 लाभार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

वंचित वर्गों का आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण

2020-21 में शुरू की गई इस केंद्रीय योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जातियों (SC), अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS), गैर-अधिसूचित जनजातियों (DNT) और सफाई कर्मचारियों (कचरा बीनने वालों सहित) को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके जरिए इन वर्गों के लोगों को वेतन-आधारित रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाकर उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार लाना है।

त्रैमासिक प्रगति और वित्तीय निवेश

मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक इस योजना के लिए कुल 276.47 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक 309.5 करोड़ रुपये का वास्तविक व्यय किया जा चुका है। योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के तीन प्रमुख निगमों—NSFDC, NBCFDC और NSKFDC द्वारा सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया।

रोजगार की गारंटी और सख्त नियम

योजना के तहत प्रशिक्षण लागत का भुगतान सीधे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' (PMKVY) के तहत सूचीबद्ध प्रशिक्षण संस्थानों को किया जाता है। योजना को परिणाम-केंद्रित बनाने के लिए यह नियम अनिवार्य किया गया है कि संस्थान कुल प्रशिक्षित उम्मीदवारों में से कम से कम 70% को वेतन-आधारित या स्वरोजगार दिलाएं। इस शर्त को पूरा न करने वाले संस्थानों की 30% प्रशिक्षण राशि (तीसरी किस्त) जब्त कर ली जाती है।

बदलाव की बड़ी तैयारी: PMKVY में विलय

काम के दोहराव से बचने और इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 से पीएम-दक्ष (PM-DAKSH) योजना को 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' (PMKVY) में समाहित करने का निर्णय लिया है। चूंकि इस योजना की सभी भूमिकाएं पहले से ही 'स्किल इंडिया डिजिटल हब' (SIDH) पोर्टल पर उपलब्ध थीं, इस विलय से प्रशासनिक प्रक्रिया और मजबूत होगी।

मूल्यांकन में दिखे सकारात्मक परिणाम

योजना के हालिया मूल्यांकन से पता चलता है कि यह प्रशिक्षण युवाओं के करियर और स्थानीय बाजार की जरूरतों के बिल्कुल अनुकूल रहा है। 90% से अधिक लाभार्थियों ने माना कि इससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। विशेष रूप से महिलाओं और समाज के पिछड़े वर्गों में इसके जरिए आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और सामाजिक पहचान में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इसके साथ ही, यह तीनों निगम पात्र युवाओं को अपने प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए लोन और मेंटरशिप भी दे रहे हैं।

फोटो के लिए संकेत: कौशल विकास केंद्र में आधुनिक उपकरणों पर प्रशिक्षण लेते युवाओं और महिलाओं की एक जीवंत तस्वीर, जो आत्मनिर्भर भारत के तहत इस योजना के जमीनी प्रभाव को दर्शाती है।

*क्या आप इस समाचार का एक संक्षिप्त (Short/Bullet points) रूप चाहते हैं या इसमें कुछ विशिष्ट जानकारी जोड़ना चाहेंगे?*यहाँ आपकी न्यूज़ के लिए पीएम-दक्ष योजना पर एक यथार्थवादी और प्रासंगिक फोटो दी गई है। इसमें कौशल विकास केंद्र (Kaushal Vikas Kendra) में भारतीय युवाओं और महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है, जो इस योजना के जमीनी प्रभाव और सामाजिक सशक्तिकरण को बयां करता है। आप इसका उपयोग कर सकते हैं।