माइक्रोसॉफ्ट 60000 कर्मचारियों को वॉलंटरी रिटायरमेंट OFFER
टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक एग्जिट (Voluntary Buyout) पैकेज की पेशकश की है। इसके तहत कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ सकते हैं, जिसके बदले उन्हें आर्थिक और अन्य लाभ दिए जाएंगे। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दिए गए स्वैच्छिक एग्जिट (Voluntary Buyout) पैकेज की पूरी और विस्तृत जानकारी:
ऑफर का मुख्य उद्देश्य और स्टार्टअप सपोर्ट यह एक 'बायआउट पैकेज' है, जिसके तहत कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ सकते हैं। इस ऑफर की एक खास बात यह भी है कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़कर अपना खुद का कोई बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, तो उसे कंपनी की ओर से आर्थिक सपोर्ट (फाइनेंशियल सहायता) दी जाएगी।
कौन है इसके योग्य (Eligibility)?
- यह ऑफर भारत, अमेरिका (US), कनाडा और यूके (UK) की चुनिंदा टीमों के लिए है।
- इसमें माइक्रोसॉफ्ट के 60,000 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें एंट्री-लेवल (लेवल 59) से लेकर वाइस प्रेसिडेंट स्तर (लेवल 70) तक के कर्मचारी एलिजिबल हैं।
- सेवरेंस पैकेज (Severance Pay) का गणित पैकेज कर्मचारी की सीनियरिटी (लेवल), लोकेशन और सर्विस के समय पर निर्भर करता है:
- लेवल-64 और उससे नीचे: ऐसे कर्मचारियों को हर 6 महीने की सर्विस के लिए 1 हफ्ते का बेस पे (Basic Pay) दिया जाएगा।
- लेवल 65 से 67: इन कर्मचारियों को हर 6 महीने की सर्विस के लिए 2 हफ्ते का बेस पे मिलेगा। हालांकि, यह अधिकतम 39 हफ्तों की सैलरी तक सीमित रहेगा।
- लेवल-68: इन्हें 12 महीने (1 साल) की सैलरी के बराबर स्टैंडर्ड सेवरेंस ऑफर दिया जाएगा।
अन्य आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ
- स्टॉक वेस्टिंग: बायआउट पैकेज में रेगुलर स्टॉक वेस्टिंग शामिल है। लेवल-67 और उससे नीचे के कर्मचारियों को उनकी सर्विस के सालों के आधार पर 6 या 12 महीने के लिए स्टॉक वेस्टिंग की सुविधा मिलेगी।
- हेल्थ इंश्योरेंस: एग्जिट शर्तों के तहत कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज भी दिया जाएगा।
निर्णय लेने की समय-सीमा कर्मचारियों के पास दिसंबर की शुरुआत तक यह तय करने का समय है कि वे इस ऑफर को स्वीकार करना चाहते हैं या नहीं। जो लोग इसे चुनते हैं, उन्हें साल के आखिर तक कंपनी छोड़ने की उम्मीद है।
क्या ऑफर ठुकराने पर नौकरी चली जाएगी? माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी अन्य बायआउट प्रोग्राम का कोई प्लान नहीं है। अगर कर्मचारी इस ऑफर को मना करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें तुरंत नौकरी से निकाल दिया जाएगा। हालांकि, भविष्य में बिजनेस की प्राथमिकताओं और वर्कफोर्स की जरूरतों के आधार पर छंटनी (Layoffs) की संभावना से इनकार भी नहीं किया गया है।
पहले भी हो चुका है ऐसा यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने यह कदम उठाया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका में अपने लगभग 8,750 कर्मचारियों के लिए ऐसा ही बायआउट प्रोग्राम शुरू किया था। बड़ी टेक कंपनियां इन दिनों अपनी वर्कफोर्स कम करने और AI जैसी तकनीकों पर फोकस करने के लिए ऐसे कदम उठा रही हैं।