चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने लिया विकराल रूप: आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा, कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (Very Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान तेजी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच) को पार कर सकता है। तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है और बड़े पैमाने पर बचाव तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
चक्रवात 'अर्नब' से जुड़ी प्रमुख अपडेट्स:
- राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में; 28 को ओडिशा में; 28-29 को छत्तीसगढ़ में और 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर असर: चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के आपस में मिलने से 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
- बचाव और राहत कार्य (NDRF): आपदा की तैयारियों को लेकर एनडीएमए (NDMA) और कैबिनेट सचिव स्तर की बैठकों के बाद आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और यनम में एनडीआरएफ (NDRF) की कुल 31 टीमें तैनात की गई हैं।
- ओडिशा में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान: ओडिशा सरकार ने तूफान के असर को देखते हुए लगभग 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है। गंजाम समेत कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए चिल्का झील स्थित 'माँ कालीजाई मंदिर' और नौका सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
- आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नुकसान कम करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बापटला के सूर्यलंका बीच को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है और तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
इसके अलावा, चक्रवात के असर के कारण नेपाल के अधिकारियों ने भी हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए बर्फीले तूफान, हिमस्खलन और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।