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जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के लिए सनकी बेटे ने की मां की हत्या, AI और डायरी से रची थी खौफनाक साजिश


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेंद्र नगर इलाके में एक 17 वर्षीय किशोर ने अपनी ही 42 वर्षीय मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की वजह जानकर पुलिस और हर कोई हैरान है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी बेटा अपना जेंडर चेंज करवाकर लड़की बनना चाहता था और इसी बात के विवाद में उसने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया।

घटनास्थल: राजेंद्र नगर का विजन अपार्टमेंट

यह पूरी घटना राजेंद्र नगर चौराहे के पास स्थित विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 की है। मृतका की पहचान 42 वर्षीय गीता भागचंदानी के रूप में हुई है, जिनकी हत्या उनके ही छोटे बेटे (नाबालिग) ने घर के अंदर लोहे के भारी रिंच (Wrench) से ताबड़तोड़ वार करके कर दी। सिर पर गंभीर चोटें आने और अत्यधिक खून बहने के कारण गीता भागचंदानी की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के पीछे की मुख्य वजह: जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी

पुलिस और जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी किशोर पिछले कुछ समय से खुद को लड़की के रूप में प्रस्तुत कर रहा था। वह अपनी जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender-affirming surgery) करवाना चाहता था, ताकि वह पूरी तरह लड़की बन सके।

लेकिन परिवार इस बात के सख्त खिलाफ था। घरवाले उसे इस तरह के कदम उठाने से रोक रहे थे और इसके बजाय उसे मेडिकल व मनोवैज्ञानिक (Psychological) सलाह लेने की सलाह दे रहे थे। इसी बात को लेकर मां और बेटे के बीच अक्सर तनाव और कलह रहती थी। घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि किशोर ने खौफनाक रास्ता चुन लिया।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस की शुरुआती जांच और टाइमलाइन के अनुसार, यह घटना 1 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे की है।

  • आरोपी किशोर घर पहुंचा और उसने अपनी मां गीता भागचंदानी से चाय बनाने के लिए कहा।

  • जैसे ही मां रसोई की तरफ जाने लगीं, आरोपी ने पीछे से उन पर लोहे के भारी रिंच से हमला कर दिया।

  • उसने मां के सिर पर लगातार कई वार किए, जिससे वे संभल नहीं पाईं और गंभीर रूप से घायल होकर फर्श पर गिर पड़ीं। कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं।

खुद ही पुलिस और पिता को दी फोन पर सूचना

इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने न तो भागने की कोशिश की और न ही सबूत मिटाने की कोई लंबी जुगत भिड़ाई।
हत्या के तुरंत बाद उसने सबसे पहले अपने पिता को फोन करके घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसने खुद उत्तर प्रदेश पुलिस के इमरजेंसी नंबर डायल 112 पर कॉल किया। पुलिस कंट्रोल रूम को उसने बेझिझक बताया कि उसने अपनी मां को मार डाला है और तुरंत पुलिस को मौके पर भेजा जाए।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई

सूचना मिलते ही नाका हिंडोला थाना पुलिस और डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही फोरेंसिक टीम (Forensic Team) को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया:

  1. पुलिस ने फ्लैट के अंदर से मृतका का शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

  2. हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का रिंच भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

  3. पुलिस को जांच के दौरान आरोपी किशोर की एक डायरी और उसका मोबाइल फोन भी मिला है, जिसमें कथित तौर पर हत्या से जुड़ी प्लानिंग और उसकी बातें दर्ज हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसने इस साजिश में किसी AI टूल या इंटरनेट की मदद ली थी।

समाज और परिवार के लिए बड़ा सवाल

इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और हर कोई स्तब्ध है कि कैसे एक कम उम्र का किशोर वैचारिक मतभेदों और अपनी जिद के चलते इतना क्रूर हो सकता है कि वह अपनी ही जननी की जान ले ले। फिलहाल, पुलिस आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को और पुख्ता किया जाएगा।