मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पुस्तैनी जमीन को हड़पने का बड़ा षड्यंत्र

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ की बहुमूल्य जमीन को हड़पने के लिए एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया है। नजीबाबाद तहसील के अमीनखानपुर गांव में स्थित इस पैतृक संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित कागजातों के जरिए कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नजीबाबाद तहसील के अमीनखानपुर गांव में महेंद्रनाथ के नाम पर लगभग 90 बीघा कृषि भूमि दर्ज है। इस पूरी संपत्ति में से करीब 26 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा जमाने के लिए शातिर आरोपियों ने फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे गंभीर दस्तावेजों का सहारा लिया।
फर्जीवाड़े की इस परत को तब और हवा मिली जब दस्तावेजों में गंभीर विरोधाभास सामने आया। कथित मृत्यु प्रमाण पत्र में महेंद्रनाथ की मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्शाई गई, जबकि वास्तविक दस्तावेजों और शिकायतों के अनुसार उनका निधन 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुआ था। इस शातिर जालसाजी की भनक लगते ही मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
कमलनाथ की कड़ी प्रतिक्रिया और पुलिस में मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कमलनाथ ने गत 30 सितंबर को नजीबाबाद थाने में इस धोखाधड़ी के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कमलनाथ ने कहा है कि "यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि बुजुर्ग की विरासत से जुड़ा गंभीर अपराध और गहरी साजिश है।"
शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर नजीबाबाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लों, विजय शंकर पांडेय और लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में से धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं तथा इस जमीन से जुड़े अन्य पुराने दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। इस संगीन धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का जालसाजी से इस्तेमाल करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।