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वैदेही के संघर्ष ने छुआ आरती बिराजदार का दिल



कभी-कभी बड़े सपनों को पूरा करने के लिए मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं। सन नियो के ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में वैदेही का किरदार निभा रहीं आरती बिराजदार अपनी कहानी के जरिए इसी सोच को सामने ला रही हैं। आरती ने वैदेही के पढ़ाई जारी रखने के लिए किए जा रहे संघर्ष और उन महिलाओं के बारे में बात की, जो अपने परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर दिन मेहनत करती हैं।


आरती कहती हैं, “‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में वैदेही का किरदार निभाने के बाद मुझे एहसास हुआ कि जब किसी इंसान के मन में अपने सपने को पूरा करने की ठान हो, तो वह किसी भी मुश्किल का सामना कर सकता है। शो में वैदेही को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सिर्फ दो दिनों में २५ हजार रुपये जुटाने हैं। इसके लिए वह कई तरह के काम करने के साथ-साथ ऑटो भी चलाती है, क्योंकि वह जानती है कि उसके भविष्य के लिए पढ़ाई कितनी जरूरी है। मेरे लिए वैदेही का यह सफर सिर्फ पैसे जुटाने की कहानी नहीं है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने की उसकी कोशिश है। कई बार जिंदगी हमें ऐसी परिस्थितियों में डाल देती है, जहां हमें अपनी सुविधा से बाहर निकलकर ऐसे काम करने पड़ते हैं, जिनके बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं होता। लेकिन जब हमारे सपने मुश्किलों से बड़े होते हैं, तो आगे बढ़ने का साहस भी मिल जाता है। मुझे लगता है कि वैदेही की कहानी बताती है कि जब आप अपने किसी खास सपने को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हों, तो कोई भी ईमानदार काम छोटा नहीं होता।”

वह आगे कहती हैं, “जब मैं वैदेही के बारे में सोचती हूं, तो मुझे असल जिंदगी की ऐसी बहुत सी महिलाएं भी याद आती हैं, जो अपने परिवार के लिए हर दिन लगातार मेहनत करती हैं। कई महिलाएं ऑटो चलाती हैं, अलग-अलग तरह के काम करती हैं, छोटे कारोबार चलाती हैं और कई जिम्मेदारियां एक साथ निभाती हैं, ताकि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके और उनके परिवार का भविष्य बेहतर हो सके। इनमें से कई महिलाओं को उनके काम के लिए पहचान नहीं मिलती, लेकिन उनके प्रयास सम्मान के हकदार हैं। अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए लोगों की सोच की परवाह किए बिना आगे बढ़ना और हर जरूरी काम करना आसान नहीं होता। मैं इन महिलाओं की दिल से सराहना करती हूं, क्योंकि वे सिर्फ अपने परिवार का खर्च नहीं चला रहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए नए अवसर भी बना रही हैं। उनकी कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि मजबूत होने का मतलब हमेशा कुछ बहुत बड़ा करना नहीं होता। कई बार हर सुबह उठना, अपनी परेशानियों का सामना करना और बेहतर कल के लिए लगातार मेहनत करते रहना ही असली ताकत होती है। मुझे उम्मीद है कि वैदेही की कहानी इन महिलाओं से जुड़ पाएगी और उन्हें यह एहसास दिलाएगी कि उनकी मेहनत, सपने और त्याग बहुत मायने रखते हैं।”

देखिए ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’, हर सोमवार से शनिवार शाम ७:३० बजे, सिर्फ सन नियो पर।