कलेक्टर श्री सुमन द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की गई विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
छिन्दवाड़ा: कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन ने आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक लेकर वनाधिकार पट्टा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण आदि की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। वीडियो कांफ्रेंस में बैठक के दौरान कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में अतिरिक्त कलेक्टर श्री राजेश बाथम, संयुक्त कलेक्टर श्री राजेश शाही, सहायक संचालक शिक्षा आदिवासी विकास श्री सी.के.दुबे, उपायुक्त सहकारी संस्थायें श्री जी.एस.डेहरिया, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री जी.पी.लोधी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.सी.चौरसिया, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय डॉ.श्रीमती पी.गोगिया, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ.सुशील राठी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री सुमन ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों और अन्य मैदानी अधिकारियों से भी चर्चा कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सुमन ने निर्देश दिये कि जिले में वनाधिकार पट्टे के अंतर्गत निरस्त किये गये शेष दावों का तत्परता से निराकरण करें तथा ऑफलाईन तैयार किये गये प्रकरणों को ऑनलाईन दर्ज करें। उन्होंने उपायुक्त सहकारी संस्थायें को निर्देश दिये कि वर्तमान की आवश्यकता को देखते हुये विभाग के ऐसे 114 कर्मचारियों का नाम प्रस्तावित करें जो सेल्समेन का कार्य कर शत-प्रतिशत राशन वितरण का लक्ष्य पूर्ण कर सकें। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और आत्म-निर्भर भारत योजना के अंतर्गत माह अप्रैल से जून तक राशन के उठाव व वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुये जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, उपायुक्त सहकारी संस्थायें और परिवहनकर्ताओं को निर्देश दिये कि सभी हितग्राहियों को इस माह के अंत तक अनिवार्य रूप से राशन का वितरण कराये तथा माह अगस्त के आवंटन के अनुसार राशन का उठाव कराया जाना सुनिश्चित करें ताकि माह अगस्त में निर्धारित समय पर हितग्राहियों को राशन मिल सके। उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने नागद्वारी मेला स्थगित होने के बाद भी श्रृध्दालुओं के आने की संभावना के दृष्टिगत निर्देश दिये कि जिले की सीमाओं पर सतर्कता और सजगता रखते हुये ऐसे श्रृध्दालुओं को सीमा से ही वापस लौटायें जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हो सके।