आशा, उषा और आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग की
Publish Date: | Thu, 30 Jul 2020 04:05 AM (IST)
मासिक मानदेय दस से 15 हजार करने की मांग, सुरक्षा किट भी मांगी
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कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
छिंदवाड़ा। आशा और उषा व आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर मप्र आशा, उषा आशा सहयोगी कार्यकर्ता संगठन की जिला इकाई की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद नकुल नाथ के नाम ज्ञापन सौंपा है।
संगठन की जिला अध्यक्ष उर्मिला भादे ने बताया कि प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे उपक्रम और जिला स्तर पर समय समय पर जोखिम भरे काम को ईमानदारी पूर्वक कराया जा रहा है। साथ ही गर्भवती धात्री और शिशु की शासन द्वारा बताए गए निर्देश से देखरेख की जा रही है। आशा सहयोगी भी दो दो सेक्शन संभालती है, एक आशा सहयोगी के जिम्मे 12 से 15 गांव हैं, जो कि वर्तमान में मात्र सात हजार रुपये के मानदेय में काम कर रही हैं। आशा को भी मात्र 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। वर्तमान में कोविड 19 कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते घर घर जाकर सर्वे, स्कूल में बच्चों का रिकार्ड संधारित करने का काम किया जा रहा है। अधिकांश कार्य आशा उषा और आशा सहयोगियों के द्वारा ही किया जाता है। जिसके कारण परिवार चलाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सर्वे करने के लिए कोई सुरक्षा किट भी प्रदान नहीं की जाती है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सर्वे कर रहे हैं, न तो कोरोना के मद्देनजर पीपीई किट दी गई और न ही कोई बीमा किया गया है। साथ ही मानदेय बढ़ाकर दस से 15 हजार रुपये किए जाने की मांग की है।
Posted By: Nai Dunia News Network
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