जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की समीक्षा बैठक संपन्न
छिन्दवाड़ा: कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में गत दिवस छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डॉ.रजा मेमोरियल सभागार में जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। उन्होंने बैठक में कोविड-19 की चिकित्सा व्यवस्था और सैंपल जांच की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि एक अगस्त से जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज अलग-अलग कार्य प्रारंभ करें जिससे कोरोना महामारी के दौरान आम जनों के उपचार का कार्य प्रभावित नहीं हो। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री राजेश बाथम, छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के नोडल अधिकारी श्री राजेश शाही, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.बी.गिरीश रामटेके, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जी.सी.चौरसिया, जिला चिकित्सालय की सिविल सर्जन डॉ.श्रीमती पी.गोगिया, जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ.सुशील राठी, चिकित्सकगण डॉ.जे.एम.श्रीवास्तव, डॉ.गगन कोल्हे, डॉ.बसंत शर्मा, डॉ.डी.मोइत्रा, डॉ.विपिन, डॉ.विकास व्दिवेदी व अन्य चिकित्सक और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सुमन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी नहीं करने और लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूध्द कड़ी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने इस संबंध में अतिरिक्त कलेक्टर श्री बाथम और छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के नोडल अधिकारी श्री शाही को जिम्मेदारी सौंपते हुये सतत् मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के नोडल अधिकारी श्री शाही को निर्देश दिये कि मेडिकल कॉलेज में संचालित कोरोना जांच लैब में सैंपलिंग की जांच में किसी भी प्रकार की रूकावट नहीं आये, यह सुनिश्चित करें। बैठक में जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ.राठी ने बताया कि वर्तमान में जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज की ओ.पी.डी. 7 दिन और ओ.पी.डी. के साथ आकस्मिक चिकित्सा अलग-अलग संचालित होती है। इस कार्य योजना के अंतर्गत 217 बेड जिला चिकित्सालय और 217 बेड मेडिकल कॉलेज के लिये हैं तथा 262 बेड कोरोना प्रभावित मरीजों के लिये अलग से रखे गये हैं।