भंडारकुण्ड से भिमालगोंदी रेलमार्ग का सीआरएस 22 अगस्त को होगा
Publish Date: | Sat, 08 Aug 2020 04:03 AM (IST)
निरीक्षण के पहले अधिकारी लगे तैयारियों में
सीआरएस के बाद मिलेगी ट्रेन चलाने की अनुमति
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भिमालगोंदी से भंडारकुंड के ट्रेक का होना है सीआरएस
छिंदवाड़ा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा से नागपुर रेल मार्ग का चौथा और आखिरी खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी रेलमार्ग का सीआरएस 22 अगस्त को होगा। भंडारकुण्ड से भिमालगोंदी रेलमार्ग का निरीक्षण करने रेलवे के अधिकारी आएंगे। उससे पहले अब अधिकारी निरीक्षण की तैयारियों में जुट गए है। गौरतलब है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन मुख्यालय द्वारा 21 जुलाई को कमिश्नर ऑफ़ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के भंडारकुण्ड से भिमालगोंदी रेलमार्ग के निरीक्षण की संभावित तिथि 12 अगस्त जारी की गई थी। मुख्यालय ने सीआरएस के निरीक्षण को लेकर मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी किया था और सभी संबंधित विभागों को तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए थे। हालांकि गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों के पास सीआरएस ऑफिस से आदेश का इंतजार था। इसी बीच गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों के पास 12 की जगह 22 अगस्त को सीआरएस के निरीक्षण की तिथि जानकारी मिली है।
– घाट सेक्शन का निरीक्षण नहीं आसान
छिंदवाड़ा से नागपुर रेल परियोजना में रेलमार्ग और विद्युत कार्य चार खंडों में किया गया है। इसमें पहला खंड छिंदवाड़ा से भंडारकुंड, दूसरा खंड इतवारी से केलोद, तीसरा खंड केलोद से भिमालगोंदी और चौथा खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी का है। अंतिम खंड भंडारकुंड से भिमालगोंदी कुल 20 किमी रेलमार्ग घाट सेक्शन में है। इस सेक्शन में रेलमार्ग का कार्य भी
पूरा हो चुका है। सीआरएस के निरीक्षण न होने से इस रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन नहीं किया जा रहा है। घाट सेक्शन होने के कारण निरीक्षण बारीकी से किया जाएगा।
– इलेक्ट्रिक कार्यों के निरीक्षण पर सवाल
भंडारकुंड से भिमालगोंदी के बीच रेलमार्ग के निरीक्षण के लिए सीआरएस के जारी कार्यक्रम में इलेक्ट्रिफिकेशन के कार्यों का जिक्र नहीं था। संभवतः सीआरएस दोनों कार्यों की जांच करेंगे। रेल विकास निगम लि. ने बीते दिनों भंडारकुंड से भिमालगोंदी के बीच इलेक्ट्रिक कार्यों को पूरा करने के बाद अधिकतम 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल किया था। ट्रायल के दौरान इलेक्ट्रिक कार्यों में कोई भी खामी नहीं मिली थी।
– नवंबर में रेलमार्ग का हुआ था ट्रायल
भंडारकुंड से भिमालगोंदी के बीच बनाए गए नए रेलमार्ग का भी गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा डीजल इंजन के साथ लगी ओएमएस वैगन से 21 नवंबर 2019 को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल किया गया था। ओएमएस वैगन एक ऐसी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है जो रेलमार्ग पर किसी भी खामी को पहचान लेती है। निरीक्षण में ओएमएस ने शुन्य खामी(जर्क) बताई थी। निरीक्षण के पहले रेल्वे के अधिकारी ट्रेन का संचालन कर ट्रायल ले रहे हैं।
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