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शासकीय स्कूल में फहराया तिरंगा तो अंग्रेजों ने कर दिया स्कूल से बाहर

Publish Date: | Sat, 15 Aug 2020 04:07 AM (IST)

मीसाबंदी व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रुपचंदराय ने शहर में किया था क्रांतिकारी भगतसिंह दल का निर्माण, 96 वर्ष के उम्र में याद करते है आजादी के पल

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छिंदवाड़ा। वर्तमान समय में बहुत परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होती है, लोग निस्वार्थ भाव से देश व देश के लोगों की चिंता नहीं करते है। जो लगन आजादी दिलाने वाले लोगों में थी वह वर्तमान में लोगों में नजर नहीं आती है। जैसे रोटी के लिए लोग जैसे तड़पते है वैसी तड़प देश के लिए लोगों में अब नजर नहीं आती है। जिस उद्देश्य को लेकर आजादी की लड़ाई लड़ी गई वह उद्देश्य कहीं खो गया है लोग मतलबी हो गए है जिस पर चिंतन होना चाहिए। यह विचार जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रुपचंद राय 96 ने रखे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता में में अपनी भागीदारी दी है। श्री राय ने आजादी को लेकर हर तरह से सत्याग्रह में शामिल हुए, उन्होंने शासकीय हाईस्कूल छिंदवाड़ा में तिरंगा झंडा फहराया था जिसके कारण अंग्रेजों ने उन्हें स्कूल से निकाल दिया था। 1942 में रुपचंद राय ने देश के आजादी के लिए क्रांतिकारी भगतसिंह दल का निर्माण किया जिसमें 101 विद्यार्थी शामिल थे जिन्होंने मिलकर दल का काम संभाला तथा जिले के वीर क्रांतिकारी मगनलाल बागड़ी के साथ मिलकर सत्याग्रह किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 1937 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य में सलंग्न रहे जिन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यालय शुरु से ही अपने घर में रखा था। 2 सितंबर 1924 को जन्में रुपचंद राय वर्तमान में 96 वर्ष के हो गए, उन्होंने बताया कि जिस दिन आजादी मिली वह 21 वर्ष के थे, इस आजादी के लिए वह दर्जनों बार जेल गए है। आजादी के बाद मीसाबंदी के दौरान भी वह जेल गए थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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