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नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को पहुंचायाᅠगया लाभःकावरे

Publish Date: | Sat, 15 Aug 2020 04:08 AM (IST)

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राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे ने ली समीक्षा बैठक, जांच के बाद कार्रवाई की बात भी कहीं

फोटो- 07

छिंदवाड़ा। सिंचाई परियोजना में नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया है यह बात राज्यमंत्री रामकिशोर कांवरे ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक में कहीं। छिंदवाड़ा जिले में सिंचाई परियोजना के लिए एडवांस में 500 करोड रुपए पेमेंट के मामले की चर्चा करते हुए मंत्री श्री कांवरे ने बताया कि जांच शुरू कर दी है। बैठक के बारे में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री कांवरे ने कहा कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार कर दिए एडवांस पेमेंट किया गया है। 41 सौ करोड़ के प्रोजेक्ट में बिना काम शुरू हुए 450 करोड का पेमेंट नियम को ताक पर रख दिया गया। श्री कांवरे ने कहा कि जल्द ही प्रभारी मंत्रियों की सूची जारी होगी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि कांग्रेसी शासन काल की योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि भारतीय जनता पार्टी किसी प्रकार की दुर्भावना पूर्वक कार्रवाई नहीं करती है, जो भी योजनाएं हो मेडिकल कॉलेज , जेल कॉम्पलेक्स के निर्माण का मामला हो सभी योजनाएं भी जारी रहेगी।

– क्या है सिंचाई परियोजना घोटाला

इस मामले में छिंदवाड़ा भाजपा के जिलाध्यक्ष विवेक साहू ने शिकायत की थी। परियोजना में 20 फरवरी 2020 से 15 मार्च 2020 के बीच 450 करोड़ रु. से ज्यादा के भुगतान की जांच की मांग की गई है। श्री साहू ने शिकायत में कहा कि हजारों हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। जब अधिग्रहण नहीं हो पाया है तो करोड़ों का भुगतान पहले क्यों कर दिया गया। जिसके बाद इस बात की शिकायत विभाग तक की गई। ईओडब्ल्यू ने भी इसकी जांच शुरू की है। कमेटी ने फाइलें बुलवाई जिसके बाद जांच शुरू हो गई। श्री कांवरे की सक्रियता के बाद मामले कि जांच में तेजी की उम्मीद है

– अधिकारियों को जमकर लगाई फटकार

छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना में हुई अनियमितताओं के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की और इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि भूमि का अधिगृहण किए बिना पाईप खरीदी का भुगतान कैसे कर दिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने कहा कि उनके द्वारा पत्र लिखकर इस परियोजना के संबंध में कुछ जानकारी मांगी गई थी जिसके जबाव में अधीक्षण यंत्री जल संसाधन विभाग द्वारा दिए गए पत्र में बताया गया कि एक ही सामग्री (एचटीएचआर क्वाईल) का भुगतान 52 रू. प्रति किलों और 129 रू. प्रति किलों की अलग-अलग दरों से किया गया है अर्थात् एक ही सामग्री की दर में ढाई गुना से अधिक का अंतर है। इस पर विभागीय मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस परियोजना में हुई अनियमितताओं की पूर्ण जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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