गीता के सातवें अध्याय का पाठ कर किया तर्पण
Publish Date: | Tue, 18 Aug 2020 04:03 AM (IST)
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श्रीमद् भगवदगीता का पाठ कर तर्पण किया
छिंदवाड़ा। शक्ति ट्रस्ट द्वारा संचालित आशाराम महिला उत्थान आश्रम एवं गुरूकुल में श्री योग वेदांत सेवा समिति के साधकों ने श्रीमद् भगवद गीता के 7वें अध्याय का पाठ कर तर्पण किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने बताया कि हमारे शास्त्रों में मृत व्यक्ति के कल्याण के लिए सातवें अध्याय के पाठ का विधान है। इसी नियमित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समिति से जुड़ी चेयना सूर्यवंशी का 13 अगस्त को हार्ट अटैक से निधन हो गया था। श्रीमती सूर्यवंशी को सब लोग स्नेह से मौसी कह कर बुलाया करते थे। सन 1996 से दीक्षार्थी थी परिवार समाज के पूर्ण दायित्वों के साथ समिति एवं आश्रम के जनहित के सेवा कार्यो में रोजाना सेवाएं देती रही हैं। वहीं इंदौर के एक वरिष्ठ साधक अजय शाह का निधन हो गया। शाह अहमदाबाद आश्रम में सेवारत थे। समिति एवं आश्रम द्वारा संचालित सभी सेवाओं में मार्गदर्शक रहे। दोनों लोगों को भागवत गीता के सातवें अध्याय का पाठ कर तर्पण कर श्रृध्दांजलि दी। इस कार्यक्रम में महिला उत्थान आश्रम की संचालिका साध्वी नीलू बहन, साध्वी रेखा बहन, साध्वी प्रतिमा, गुरूकुल की संचालिका दर्शना खट्टर, खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई, युव सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक दोईफोडे, गेंदराव कराड़े, प्रेम पराड़कर, विवेक सूर्यवंशी, पीआर शेरके, एमआर पराड़कर, महिला समिति से सुमन दोईफोडे, विमल शेरके, डॉ मीरा पराड़कर, करूणेषपाल, छाया सूर्यवंषी, शकुन्तला कराड़े, शोभा भोजवानी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा के नीलेश और आयुष रहे प्रथम
प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित चित्रकला रंगों में प्रेमंचद के परिणाम घोषित
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अंतरराष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम घोषित
छिंदवाड़ा। नाट्यगंगा संस्था द्वारा कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता रंगों में प्रेमचंद का आयोजन किया था। जिसमें चित्रकारों को प्रेमचंद की कहानी को पढ़कर उस आधार पर एक चित्र बना कर ऑनलाइन संस्था के पास भेजना था। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आमजन को प्रेमचंद की कहानियों से जोड़ना था। अपनी तरह की इस अनूठी प्रतियोगिता में न सिर्फ पूरे देश भर के कलाकारों ने बल्कि देश के बाहर के चित्रकारों ने भी भाग लिया। इस तरह इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो सौ से अधिक चित्रकारों ने अपने चित्र भेजे। देश के ख्यातिलब्ध पांच चित्रकारों ने हर पहलुओं को ध्यान में रखकर चित्रों को देखा और निर्णय दिया। निर्णायक मंडल में अवधेश बाजपेयी, जबलपुर, महावीर वर्मा, रतलाम, विनय अंबर, जबलपुर, अरुण कठोते, रायपुर, राजकुमार चौहान, छिंदवाड़ा दिग्गज चित्रकार शामिल थे। संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन आयोजन में विजेताओं की घोषणा की गई। पहली श्रेणी 15 वर्ष से कम आयु वर्ग में प्रथम आयुष असोलकर, छिंदवाड़ा मप्र कहानी ईदगाह, द्वितीय कपिल, ईस्ट दिल्ली कहानी ईदगाह, और तृतीय स्थान लकी शर्मा, उप्र कहानी दो बैलों की कथा को प्राप्त हुआ। दूसरी श्रेणी 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रथम स्थान नीलेश भारती, छिंदवाड़ा कहानी ईदगाह, द्वितीय नेहा विजय जैन, हैदराबाद, तेलंगाना कहानी शतरंज के खिलाड़ी एवं तृतीय स्थान नंदकुमार विश्वनाथ पगारे, महाराष्ट्र, कहानी रामलीला को प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं को पुरुस्कार और प्रमाण पत्र जल्द ही उनके निवास पर पहुंचा दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को भी सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। पुरूस्कारों की घोषणा करने के अवसर पर सभी निर्णायकों के साथ साथ नाट्यगंगा के मार्गदर्शक गिरिजा शंकर, जयंत देशमुख और वसंत काशीकर उपस्थित थे। नाट्यगंगा की ओर से प्रतियोगिता का प्रबंधन स्वाति चौरसिया ने किया। निर्णय प्रक्रिया में रोहित रूसिया ने मुख्य भूमिका निभाई। संचालन सचिन वर्मा ने किया। तकनीकी सहयोग नीरज सैनी ने दिया। प्रतियोगिता के सफल क्रियान्वयन में सुवर्णा दीक्षित, पंकज सोनी, दानिश अली, प्रहलाद उइके, अपर्णा पाटकर, फैसल कुरैशी, सुमित गुप्ता, नीता वर्मा, शेफाली शर्मा, कुलदीप वैद्य, अफजल खान, निकेतन मिश्रा, वैषाली मटकर, पियूष जैन, विनोद ग्यास, सचिन मालवी, अमजद खान, अंबर तिवारी, संजय औरंगाबादकर, संदीप सोनी, सोनू यादव, अमन खान, हर्ष यादव, अंकित खंडूजा, विकास वात्सल्य, ऋषभ शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Posted By: Nai Dunia News Network
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