साढ़े तीन लाख में से सिर्फ 95 हजार किसानों का हुआ बीमा
Publish Date: | Mon, 14 Sep 2020 04:08 AM (IST)
साढ़े तीन लाख में से सिर्फ 95 हजार किसानों का हुआ बीमा
– जिले में चौरई, सौंसर, हर्रई क्षेत्र में किसानों की 60 फीसद फसल हुई खराब
छिंदवाड़ा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा की योजना लागू की है। जिले में इस योजना के साढ़े तीन लाख किसानों में से सिर्फ 95 हजार किसानों का ही बीमा हो सका है। जिले में लगभग 4 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि की जाती है। 28 और 29 अगस्त को हुई बारिश के कारण करीब 60 प्रतिशत से अधिक अर्थात 2.5 लाख हेक्टेयर की फसलें (बेलवर्गीय भी सम्मिलित) को अत्याधिक क्षति पहुंची है। इस क्षति के कारण पूरे जिले के किसान खासे परेशान हैं, 31 अगस्त फसल बीमा के तहत पंजीयन की अंतिम तारीख थी, लेकिन इस तिथि तक महज 95 हजार किसानों का ही पंजीयन किया जा सका है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष गंगाप्रसाद तिवारी ने फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।
मक्का किसान सबसे ज्यादा परेशानः
जिले में मक्के की फसल लगाने वाला किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। हालत ये हैं कि 60 से 70 फीसदी मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। जिले में चौरई, सौंसर और हर्रई जैसे क्षेत्र में तो किसानों की 60 से 70 फीसद फसल खराब हो गई है। चौरई के किसान राजेंद्र जंघेला ने बताया कि किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। फसल बीमा योजना में किसानों को सम्मिलित होने हेतु तिथि बढ़ाई जाए जिससे छिंदवाडा जिले का किसान लाभांवित हो सके। तय तारीख तक पोर्टल खुल ही नहीं सका और अब अंतिम तिथि खत्म हो गई है। किसानों को हुए नुकसान का सर्वे भी शुरू हो गया है। नुकसान के सर्वे में राजस्व विभाग के पसीने छूट रहे हैं।
जिले में सालों बाद ऐसी बाढ़ आई है, जिसमें 60 फीसद किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में किसानों का फसल बीमा की अंतिम तिथि बढ़ाई जाना चाहिए।
– गंगाप्रसाद तिवारी, जिला अध्यक्ष कांग्रेस।
कृषि बीमा कराना एच्छिक है, इसके लिए 31 अगस्त अंतिम तिथि थी जिन किसानों ने बीमा करवाया है, उनको ही इसका लाभ मिलेगा।
– जेआर हेड़ाउ, उपसंचालक कृषि।
Posted By: Nai Dunia News Network
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