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कम मूल्य पर कोयला बेचने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करें

Publish Date: | Sat, 12 Sep 2020 04:08 AM (IST)

बाटम…

अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने वेकोलि अध्यक्ष को लिखा पत्र

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दिए सुझाव

फोटो 3

कन्हान क्षेत्र की धाऊनार्थ एक्सटेंशन माइन 2 का मामला

दमुआ। कोयला उद्योग में कार्यरत कामगारों के हक में काम करने वाले भारतीय मजदूर संघ की इकाई अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ ने वेकोलि कन्हान क्षेत्र के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर देश की राष्ट्रीय संपदा कोयला को निजी मालिकों को कम मूल्य पर बेचने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के संबंध में पत्र लिखकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 324वी बैठक में लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। संगठन की ओर से लिखे पत्र में वेकोलि कन्हान क्षेत्र की भूमिगत कोयला खदान धाऊ एक्सटेंशन माईन टू ( एक्सटेंशन धाऊ नार्थ ब्लाक) को बोर्ड द्वारा शुरू किए जाने संबंधी निर्णय का स्वागत करते हुए इस खदान में सुरक्षित वाशरी ग्रेड के कोयले की पुनः सैंपलिंग की मांग के साथ ध्यानाकर्षण कराया गया है कि इस समय देश के स्टील प्लांट्स को स्टील उत्पादन के लिए वाशरी ग्रेड के कोयले की जरूरत है। नंदन दो धाऊ नार्थ एक्सटेंशन माइन में वाशरी ग्रेड 2 का कोयला है। वर्ष 1984 से 2006 तक नंदन टू से उत्पादित वाशरी ग्रेड का कोयला वेकोलि कन्हान क्षेत्र द्वारा नंदन वाशरी प्लांट से वॉश कर भिलाई स्टील प्लांट को भेजा जाता रहा है। संगठन का कहना है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में नंदन दो के वाशरी ग्रेड 2 के कोयले को वाशरी ग्रेड 3 दर्शाया गया है। नंदन नंबर दो धाऊ नॉर्थ के कोयले की सैंपलिंग कर एक बार पुनः ग्रेडेशन निर्धारण के लिए जांच की जाए। संगठन का मानना है की कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में धाऊ नार्थ एक्सटेंशन से उत्पादित कोयले को थर्ड ग्रेडेशन दर्शाने और स्टील उत्पादन के लिए उपयोगी कोयले को पावर प्लांट को देने का निर्णय से कंपनी को अरबों रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। नंदन दो से उत्पादित और वाशरी ग्रेड के कोयला के लिए भिलाई स्टील प्लांट या देश के अन्य स्टील प्लांट्स भी वाशरी ग्रेड के कोयले के ग्राहक हो सकते हैं। अतः वेकोलि के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की 324 की बैठक में लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार कर नंदन 2 धाऊ नार्थ से उत्पादित होने वाला वाशरी ग्रेड का कोयला देश के स्टील प्लांट को देने से सरकार द्वारा विदेशों से आयात किए जाने वाले कोयले पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाकर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आत्म निर्भर भारत के लिए सहयोग प्रदान करेंगे।

इनका कहना है

संचालक मंडल की बैठक में यहां से उत्पादित कोयले को वाशरी ग्रेड 3 का आंका गया है। इससे कोयले की कीमत कम हो जाएगी और राजस्व का नुकसान होगा।

शिवदयाल बिसंदरे, उपाध्यक्ष अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ

Posted By: Nai Dunia News Network

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